ससुराल में शौचालय न होने पर पडरौना क्षेत्र के जंगल जगदीशपुर गांव की छह महिलाएं मायके चली गई हैं। गांव वालों से जानकारी मिलने पर बुधवार को डीपीआरओ गांव में पहुंचे और परिवारवालों से मामले की जानकारी ली। डीपीआरओ ने उन्हें बताया कि गांव में सामुदायिक शौचालय बन रहा है। जिन महिलाओं के मायके जाने की बात कही जा रही है, उनका नाम एमआईएस सूची में नहीं होने से व्यक्तिगत शौचालय का लाभ नहीं दिया जा सकता है।
जंगल जगदीशपुर गांव का भरपटिया टोला बरसात में चारों तरफ पानी से घिर जाता है। गांव में कई लोगों का शौचालय नहीं बना है। गांव वालों का कहना है कि शौचालय के अभाव में इस टोले की छह नववधुएं मायके चली गई हैं। बुधवार को कुछ महिलाओं ने सीडीओ को प्रार्थना पत्र देकर शौचालय निर्माण की मांग की।
जानकारी होने पर डीपीआरओ राघवेंद्र द्विवेदी गांव पहुंचे और परिवार के लोगों को समझाया। ग्राम प्रधान रामनरेश यादव ने बताया कि जो महिलाएं मायके गई हैं, उनका नाम एमआईएस सूची में नहीं है। इस कारण शौचालय निर्माण नहीं कराया जा सका। सूची में नाम दर्ज करने के लिए डिटेल जमा कर दिया गया है।
एडीओ पंचायत मैनेजर सिंह का कहना है कि इन परिवारों के मुखिया का नाम एमआईएस सूची में नहीं है। इसलिए शौचालय नहीं बन पाया है। एक महिला अपने पति के साथ मायके गई है अन्य महिलाएं गांव में ही हैं। इस टोले पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जाएगा।
इस संबंध में डीपीआरओ ने बताया कि ग्राम पंचायत को वर्ष 2012 की सूची के आधार पर शौचालय निर्माण के लिए बजट उपलब्ध कराया जा चुका है। महिलाओं के ससुराल छोड़कर जाने की बात सही नहीं है। लोगों को समझाया गया है कि उनके गांव में सामुदायिक शौचालय भी बन रहा है। लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक हो रहे हैं यह अच्छी बात है।