पडरौना। यूपी बोर्ड 2026 की परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के डाटा में त्रुटि में सुधार का परिषद ने अंतिम मौका दिया है। क्षेत्रीय सचिव का पत्र आने के बाद डीआईओएस ने जिले के सभी प्रधानाचार्यों को विद्यार्थियों का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, जिसे बोर्ड को भेजा जाएगा।
जिले में 22 राजकीय, 55 वित्तपोषित और 291 स्ववित्तपोषित समेत जिले में 368 माध्यमिक विद्यालय संचालित होते हैं। इन विद्यालयों में वर्ष 2026 की बोर्ड की परीक्षा के लिए पंजीकृत हैं। बोर्ड परीक्षा देने वाले कई ऐसे छात्र-छात्राएं हैं जिनके नाम, वर्ग विषय और जेंडर आदि में गड़बड़ी है। उसे सही कराने के लिए बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राएं अपने-अपने कॉलेजों का चक्कर लगा रहे हैं।
इसको गंभीरता से लेते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने परीक्षार्थियों के डाटा में हुई त्रुटियों में सुधार के लिए अंतिम मौका दिया। उन्होंने डीआईओएस को पत्र जारी कर बताया कि विद्यार्थी का विवरण रिस्टोर करने, छात्र, उनके माता-पिता के नाम में वर्तनी त्रुटि, छात्र के विषय, वर्ग, जन्मतिथि, जेंडर, जाति आदि में संशोधन करने के लिए आवश्यक प्रपत्र के साथ 25 जनवरी तक प्रधानाचार्य डीआईओएस कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि डाटा में त्रुटि दूर करने के लिए परिषद ने अंतिम मौका दिया है। सभी प्रधानाचार्य नामावलियों से मिलान करते हुए छात्रों से आवेदन लेकर निर्धारित तिथि तक उनके कार्यालय में जमा करें। 25 जनवरी तक आने वाले आवेदनों की त्रुटि बोर्ड 31 जनवरी तक दूर करेगा। इससे कि परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो सके।