रामपुर कारखाना। जांच अधिकारी के पहुंचने की सूचना पर ग्रामीण पंचायत भवन पहुंच गए। वह दिन भर जांच अधिकारी की प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन अधिकारी के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों को वापस लौटना पड़ा। बिना शौचालय बनवाए सरकारी धन के बंदर बांट की डीएम से शिकायत हुई थी। जिलाधिकारी ने मामले की जांच जिला कार्यक्रम अधिकारी को सौंपी है। जांच के लिए आने की सूचना पर ग्रामीण दिनभर इंतजार करते रहे।
विकासखंड रामपुर कारखाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुसहरी निवासी मोहित राव ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान और सचिव ने स्वच्छ भारत मिशन फेज 1 के तहत 465 व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण के लिए जारी धनराशि के सापेक्ष 65 शौचालयों का निर्माण गांव में नहीं कराया। जबकि उसका पैसा आहरित कर लिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि बिना शौचालय का निर्माण कराए ही ग्राम प्रधान व सचिव ने सरकारी धन का बंदर बांट करते हुए पैसा निकाल लिया।
डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच अधिकारी के रूप में जिला कार्यक्रम अधिकारी केके राय को नामित किया था। जिलाधिकारी ने डीपीओ को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। शनिवार को जांच अधिकारी गांव पहुंचकर जांच करने वाले थे। इसकी जानकारी होने पर शिकायतकर्ता समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन पर पहुंच गए। दिनभर प्रतीक्षा करने के बाद जांच अधिकारी के नहीं आने से ग्रामीण बैरंग वापस हो गए। जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकांत राय ने बताया कि तहसील समाधान दिवस में रहने के कारण शनिवार को जांच नहीं हो सकी।