देवरिया। भारतीय किसान यूनियन की बैठक सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर शनिवार को हुई। 23 सितंबर को एनएच 727 ए देवरिया बाईपास, एनएच 727 बी सलेमपुर-नवलपुर बाईपास से प्रभावित किसानों की मांगों को लेकर डीएम कार्यालय पर होने वाली किसान महापंचायत को सफल बनाने की रणनीति बनाई गई।
भाकियू पूर्वी उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष किसान नेता विनय सिंह सैंथवार ने कहा कि बाईपास, फोर लेन के नाम पर किसानों की जमीन का जिले में अधिग्रहण किया जा रहा है। इसमें एक तरफ जिला प्रशासन 2020 के सर्किल रेट से किसानों को प्रत्येक गाटा में 102 एयर तक चारगुना मुआवजा दे रहा है। इसके बाद पूरी जमीन के मुआवजा में 2/3 यानी 67 प्रतिशत की कटौती कर रहा है। इसी तरह अर्ध नगरी, नगरीय एवं विशिष्ट गांवों में 2020 के सर्किल रेट से 102 एयर तक सर्किल रेट का दोगुना मुआवजा देने के बाद पूरी जमीन के मुआवजा में 67 प्रतिशत की कटौती की जा रही है, जो किसानों बर्दाश्त नहीं है। इसका भाकियू विरोध कर रही है। सोमवार को महापंचायत के जरिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
जिलाध्यक्ष गिरीश नारायण उर्फ बड़े शाही ने कहा कि संगठन किसानों के मान सम्मान पर कोई आंच नहीं आने देगा, इसके लिए चाहे कोई भी कुर्बानी देनी पड़े। भाकियू किसानों की लड़ाई हमेशा से लड़ी है और आगे भी लड़ती रहेगी। जिला महासचिव धनंजय सिंह ने कहा कि सभी ब्लॉक, तहसील अध्यक्ष, जिला कार्यकारणी के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं के हाथों में मोटी लाठी के साथ महापंचायत में शामिल होंगे। इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के सचिव विनोद गुप्ता, सुरेंद्र चौहान, गोविंद गुप्ता, युवा जिलाध्यक्ष कृष्ण मोहन उर्फ मुन्ना सिंह, मदन चौहान, चंद्रदेव सिंह, अरविंद उपाध्याय, सुनील राय, बृजेश सिंह, हरिकेश मौर्य, बृजेश यादव, विजय चौरसिया, सत्याग्रह सरोज, सुशील कुमार मानव, हर्षिया नंद सिंह, दिग्विजय नारायण कुशवाहा, रामाश्रय यादव, हदीश अंसारी, कमलेश्वर सिंह, विजय बहादुर यादव, वेद व्यास पांडेय आदि मौजूद रहे।