पडरौना। भाजपा से निष्कासित नेता दयाशंकर सिंह के घर की महिलाओं को अपशब्द कहने के मामले में शनिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने बसपा पर जोरदार हमला बोला। जिला मुख्यालय पर जुटे कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बसपा नेता नसीमुद्दीन को तत्काल पार्टी के पद से हटाने तथा आरोपी बसपा नेताओं के गिरफ्तारी की मांग की। नेताओं ने बसपा और सपा पर प्रदेश में जातिगत व सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया।
दोपहर 12 बजे जिलाध्यक्ष जयप्रकाश शाही की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं ने बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दकी और यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते भाजपा नेताओं ने कहा कि बसपा नेताओं ने जिस अंदाज में दयाशंकर सिंह की मां, पत्नी व बेटी के बारे में भाषण दिया व अति निंदनीय है। आश्चर्यजनक यह है कि प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अफसरों ने इस मामले का संज्ञान तक नहीं लिया। इससे साफ हो गया है कि सपा और बसपा प्रदेश को जातिगत व सांप्रदायिक राजनीति की आग में झोंकना चाहती है। भाजपा नेताओं ने बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती से मांग की कि इस तरह की बयानबाजी के लिए वे नसीमुद्दीन सिद्दकी को पद से हटाएं तथा प्रदेश सरकार गलत बयानी करने वाले बसपा नेताओं को गिरफ्तार करे। प्रदर्शन के बाद भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भी जिला प्रशासन को सौंपा।
इस दौरान विधायक गंगा सिंह कुशवाहा, पूर्व विधायक सुरेंद्र शुक्ला, दीपलाल भारती, मदन गोविंद राव, पूर्व जिलाध्यक्ष लल्लन मिश्र, अखिलेश मिश्र, वरिष्ठ नेता रजनीकांत मणि त्रिपाठी, डॉक्टर संगम मिश्र, संतोषदत्त राय, मारकंडेय शाही, जयप्रकाश उपाध्याय, अवधेश प्रताप सिंह, विजय दीक्षित, श्याम मुरली मनोहर मिश्र, आरती सिंह, मोहन चौहान, सतीश मणि त्रिपाठी, रामवृक्ष गिरी, राजू जायसवाल, हिमांशु गोपाल यादव, प्रदीप पांडेय, आशुतोष दीक्षित, रामानंद बौद्ध, महेंद्र गौंड़, नंदकिशोर नाथानी समेत तमाम भाजपा नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।