तमकुहीराज सीएचसी में पहुंची डॉ. संध्या मिश्रा व अन्य लोग।
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तमकुहीराज विधानसभा सीट पर भाजपा और उसके बागियों के बीच का विवाद अब हिंसक होता जा रहा है। बुधवार को हुई घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच तल्खी और बढ़ी है। यह विधानसभा क्षेत्र केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र के संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है, लिहाजा मंत्री के खिलाफ भी समर्थकों की नाराजगी सामने आने लगी है।
तमकुहीराज विधानसभा सीट देवरिया संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। देवरिया से सांसद चुने गए कलराज मिश्र केंद्र में मंत्री हैं। लोकसभा चुनाव में उन्हें इस क्षेत्र से एकतरफा वोट मिले थे। इस विधानसभा सीट पर वर्ष 1991 और 1993 में नंदकिशोर मिश्र विधायक चुने गए थे। इसके बाद से वे लगातार वहां मुख्य मुकाबले में रहे हैं। हालांकि हर बार कम मतों के अंतर से चुनाव हारते आ रहे हैं। पिछली बार भी वे दूसरे नंबर पर रहे। इस बार टिकट बंटा तो उनकी जगह भाजपा ने फाजिलनगर के पूर्व विधायक जगदीश मिश्र उर्फ बाल्टी बाबा को टिकट दिया गया। टिकटों की घोषणा होते ही तमकुहीराज में विरोध शुरू हो गया। नंदकिशोर के समर्थक टिकट कटने के लिए सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र को ही जिम्मेदार ठहराने लगे। एक दर्जन वरिष्ठ नेताओं ने अपने पद से इस्तीफा देकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध प्रदर्शन के बीच ही इस बात की भी चर्चा चल रही थी कि जल्दी ही मामले को सुलझा लिया जाएगा लेकिन बात नहीं बनी। उधर टिकट मिलते ही जगदीश मिश्र के समर्थकों ने भी प्रचार प्रसार तेज कर दिया। दोनों पक्ष भाजपा कार्यकर्ताओं व समर्थकों को अपने पाले में करने का भरपूर प्रयास कर रहा है। इस वजह से तल्खी तेज होती जा रही है। यह विवाद बढ़ते-बढ़ते अब मारपीट तक पहुंच गया है। जगदीश मिश्र का कहना है कि पार्टी ने उन्हें टिकट दिया है और भाजपा कार्यकर्ता भी उनके साथ हैं। वहीं नंदकिशोर मिश्र का कहना है कि भाजपा उम्मीदवार झूठी सहानुभूति पाने के लिए प्रायोजित विवाद करा रहे हैं। भाजपा के अधिकांश कार्यकर्ता उनके साथ हैं। इस पूरे मामले पर भाजपा के जिला महामंत्री मारकंडेय शाही का कहना है कि विवाद को थामने के लिए केंद्रीय नेतृत्व लगातार प्रयास कर रहा है।