पडरौना। उदित नारायण पीजी कॉलेज के सभागार में मंगलवार को इतिहास विभाग की तरफ से जनजातीय गौरव दिवस बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई गई। उनकी जीवनी पर चर्चा कर उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।
मुख्य वक्ता प्राचार्य डॉ. ममता मणि त्रिपाठी ने कहा कि जनजातीय समाज भारत की प्राचीन विरासत और संस्कृति का प्रतीक है, जो सदियों से अपनी परंपराओं और जीवनशैली के साथ समाज को समृद्ध कर रहा है। बिरसा मुंडा ने जनजाति समाज के जीवन में व्यापक बदलाव कर उन्हें समाज के मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किए थे। इसलिए उन्हें जनजातीय नायक और भगवान का दर्जा दिया जाता है। लोगों को उनके जीवन का आदर्श मानते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम को डॉ. आनंद कुमार गोंड, डॉ. अनूप कुमार, डॉ. श्याम कुमार, अश्वनी यादव आदि ने संबोधित किया।
इस दौरान डॉ. विजय निषाद, डॉ ऋतुंबरा, रोशनी, अश्वनी आदि मौजूद रहे।