कुशीनगर। तमकुहीराज थाना क्षेत्र के गोसाईंपट्टी गांव में शुक्रवार शाम ग्राम प्रधान शंभू यादव के भाई भोला यादव (55) की हत्या के मामले में पुलिस ने देर रात सात नामजद समेत 17 लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया है। इसमें नगर पंचायत तमकुहीराज के वार्ड नंबर नौ निवासी व तहसील कार्यालय में संविदाकर्मी मुकेश यादव को मुख्य साजिशकर्ता बनाया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। उधर, गांव में बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है।
इस बीच शनिवार शाम करीब चार बजे पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने शव रखकर चखनी चौराहे पर जाम लगा दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस की उदासीनता पर भी सवाल उठाए। जाम के कारण करीब दो घंटे तक आवागमन ठप रहा। सूचना पर पहुंचे एसडीएम के आश्वासन पर लोग शांत हुए और शव का अंतिम संस्कार किया गया।
गोसाईंपट्टी निवासी भोला यादव की पत्नी ने पुलिस को तहरीर दी, जिसके अनुसार शुक्रवार देर शाम उनका पड़ोसी मोतीचंद यादव के परिवार के लोगों से किसी बात के लिए कहासुनी हो गई थी।
कुछ ही देर में मामला बढ़ गया और मोतीचंद यादव, संजय यादव, नरेश यादव, धर्मेंद्र यादव, विशाल यादव, बृजेश यादव व नगर पंचायत तमकुहीराज के वार्ड नंबर नौ निवासी मुकेश यादव के अलावा 10 अज्ञात ने गोलबंद होकर उन्हें घर से खींच ले गए और ईंट-पत्थर, लाठी डंडे से हमला कर हत्या कर दी।
आरोप है कि घटना के दौरान तमकुहीराज पुलिस को फोन किया गया लेकिन पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई और ढाई घंटे बाद मौके पर सीओ पहुंचे। इस दौरान करीब दो घंटे तक आरोपी उपद्रव करते रहे। गांव में प्रवेश करने वाले मुख्य मार्ग पर गोलबंद होकर गांव के भीतर किसी को जाने नहीं दे रहे थे।
इस दौरान पुलिस की एक गाड़ी भी वापस हो गई। बाद में सूचना के बाद सीओ तमकुहीराज राकेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर सीएचसी तमकुहीराज भेजा। प्रधान के भाई की मौत की सूचना के बाद बड़ी संख्या में लोग सीएचसी तमकुहीराज पर जुटे रहे। हालांकि प्रशासन ने सतर्कता पूर्वक सीएचसी पर मौजूद लोगों को बातचीत के बाद वापस घर भेज दिया। इस दौरान मौके पर आईं एसडीएम तमकुहीराज आकांक्षा मिश्रा को पीड़ित पक्ष की ओर से पत्रक सौंपकर परिवार को सरकारी मदद उपलब्ध कराने की मांग की गई।
घर छोड़ आरोपी फरार, दरवाजे पर मिलीं तीन बाइक
हत्या के बाद आरोपियों के परिजन भी घर छोड़ कर फरार हैं। दरवाजे पर खड़े बेजुबान जानवरों को भी चारा नहीं मिल पाया। आरोपियों के घर के बाहर तीन बाइक खड़ी हैं। इनमें से एक बाइक बिहार नंबर की है, दूसरे बाइक का नंबर गायब है।
हालांकि घटना में शामिल कुछ लोग बाइक समेत मौके से फरार होने में सफल रहे। आरोपियों के दरवाजे पर खड़ी बाइक साजिश व योजनाबद्ध तरीके से मौत की घटना को अंजाम तक पहुंचाने का इशारा कर रही हैं।
घटना स्थल के इर्द-गिर्द बिखरे पड़े ईंट-पत्थर के टुकड़े आरोपियों की मनबढ़ई की गवाही दे रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि आरोपियों के घर तीन-चार दिन पूर्व से कुछ रिश्तेदार रह रहे थे। हालांकि किसी को ऐसी घटना को अंजाम देने का या योजना बनाने का अंदेशा नहीं था।
प्रधान के घर सांत्वना देने पहुंचते रहे लोग
तमकुहीराज ब्लॉक के गोसाईंपट्टी के प्रधान शंभू यादव के भाई की हत्या की जानकारी के बाद समूचे इलाके में सनसनी फैल गई। शुक्रवार देर रात से सीएचसी तमकुहीराज व गांव में लोग आते-जाते रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे।
गांव के लोग किसी से मोबाइल आदि से बात करने से कतराते दिखे। शनिवार सुबह से गांव में मातम का माहौल रहा। प्रधान के भाई की मौत की जानकारी के बाद लोगों का उनके घर पहुंचने के सिलसिला शुरू हो गया। इस दौरान सपा नेता डॉ. पीके राय, मधुरश्याम राय, उदयनारायण गुप्ता, पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू, सुविन्द चौहान, अरविंद यादव, अवधनाथ ठकुराई, मुनीर आलम, अवधेश राय आदि पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। सपा के जिलाध्यक्ष रामअवध यादव ने फोन कर परिजनों से मामले की जानकारी ली और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
बिसरा किया गया प्रिजर्व
भोला यादव की हत्या के बाद शव का पोस्टमार्टम शनिवार को हुआ। शरीर पर चोट का निशान नहीं मिला और मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। इसका बिसरा प्रिजर्व कर लिया गया है। वहीं गांव में माहौल को देखते हुए पुलिस तैनात है।
नाराज ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन करीब दो घंटे ठप रहा आवागमन
कुशीनगर।भोला का शव पोस्टमार्टम के बाद शनिवार शाम करीब चार बजे गांव पहुंचा तो पुलिस की कार्यशैली से नाराज ग्रामीण चखनी चौराहे पर शव रखकर धरने पर बैठ गए। लोगों ने शव का अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया।
धरने की सूचना पर तमकुहीराज, सेवरही, तरया सुजान, विशुनपुरा सहित सात थानों की पुलिस मौके पहुंच गई। धरना का नेतृत्व कर रहे सपा नेता बिजेंद्र पाल यादव उर्फ बबलू, नन्दलाल विद्रोही, जाकिर हुसैन, प्रेमचंद यादव, लालमन यादव, उपेंद्र सिंह, शंभू यादव आदि ने आरोपियों को गिरफ्तारी, परिवार की आर्थिक मदद मदद की मांग करते हुए धरने पर बैठे रहे।
सूचना के बाद एसडीएम तमकुहीराज आकांक्षा मिश्रा व सीओ राकेश प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंच गए। मृतक के परिजनों से बातचीत कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया तो परिजन माने और शव के अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। इस कारण करीब दो घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा।
ढाई घंटे उत्पात मचाते रहे हमलावर, दिव्यांग को भी पीटा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। हत्याकांड को लेकर तमकुहीराज पुलिस की भूमिका पर ग्रामीण सवाल उठा रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी प्रधान के भाई की हत्या के बाद करीब ढाई घंटे तक गांव में उत्पात मचाते रहे लेकिन पुलिस नहीं पहुंची।
इस दौरान आरोपियों ने एक अन्य ग्रामीण रघुनाथ यादव के मानसिक दिव्यांग बेटे उमेश को भी पीटा। इसके अलावा हैंडपंप, पशुओं का चारा काटने वाली मशीन व नाद तोड़ दिए। आरोपियों के गुस्से का आलम यह रहा कि रघुनाथ के दरवाजे पर मौजूद बेजुबान जानवरों को भी पीटा। भोला के भाई बच्चन यादव का आरोप है कि मारपीट के तत्काल बाद इंस्पेक्टर तमकुहीराज के सीयूजी नंबर पर फोन कर घटना की जानकारी दी गई लेकिन पुलिस टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद वह खुद थाने पहुंचे और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई तब पुलिस टीम मौके पर गई।
इस दौरान आरोपियों ने गांव में प्रवेश करने वाले मुख्य मार्ग पर खड़ा होकर जबरन पुलिस की गाड़ी को वापस लौटा दिया। इसके बाद दोबारा सीओ तमकुहीराज राकेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में करीब साढ़े नौ बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तब आरोपी मौके से भागे। गांव से तमकुहीराज थाने की दूरी करीब सात किलोमीटर है। स्थानीय लोगों ने बताया कि आरोपी मनबढ़ किस्म के लोग हैं। नशे में अक्सर लोगों से कहासुनी होती रहती है।
आरोपी परिवार गांव में अपना वर्चस्व कायम करना चाहते हैं और आंतरिक रूप से आगामी प्रधानी के चुनाव की तैयारी भी कर रहे हैं। मारपीट की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पूरे गांव में दहशत फैलाई। प्रधान के घर मारपीट की घटना की जानकारी होने के बाद कुछ लोग मदद के लिए जाना चाहते थे पर आरोपी उनके साथ भी मारपीट कर व हत्या की धमकी देकर भगा देते।
इसके कारण प्रधान के घर की ओर जाने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पाया।
रास्ते से अतिक्रमण हटवाने पर हुई थी मारपीट
गोसाईपट्टी गांव में 29 मई को पुलिस टीम हल्का लेखपाल जयंत गुप्ता के साथ इलाहाबाद उच्च न्यायालय से एक मुकदमे में पारित आदेश के अनुपालन में रास्ते की भूमि से अतिक्रमण खाली कराने गई थी। इस दौरान अचानक आरोपी परिवार के लोग पुलिस की मौजूदगी में प्रधान परिवार के सदस्य से मारपीट करने लगे। ईंट-पत्थर व लाठी- डंडे भी चले। इसमें महिलाएं भी शामिल थीं। मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। हल्का लेखपाल जयंत गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों पक्ष से छह लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की थी। इसके बाद छह जून को दोनों पक्षों के 16 लोगों को पाबंद किया गया। लोगों का कहना है कि पुलिस ने यदि मामले में ठीक ढंग से कार्रवाई की होती तो यह घटना नहीं होती। भोला के तीन नाबालिग सहित पांच बच्चे हैं।
सीओ तमकुहीराज राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि मामले में सात नामजद व 10 अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी की तलाश के लिए पुलिस दबिश दे रही है। घटना की वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है। घटना के पर्दाफाश व आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात है।