भोजपुरी विश्व में बोली जाने वाली सभी समृद्ध बोलियाें में से एक है। इसकी मिठास पूरे भारतवर्ष के साथ विदेशों में भी फैली है। भोजपुरी हमेशा अपनी संस्कृति का एहसास कराती है।
ये बातें गायत्री माता बालिका इंटर कालेज लक्षिया पावा में सांस्कृतिक विकास मंच की ओर से आयोजित पूर्वांचल भोजपुरी महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि लोक निर्माण, सिंचाई राज्य मंत्री सुरेन्द्र सिंह पटेल ने कहीं। केंद्र सरकार में बैठे लोग बैठे राजनीतिक व्यापारी हैं। जो जनता को धोखा देकर सत्ता पाने के बाद राजनीतिक व्यापार करने में लगे हुए हैं। जबकि प्रदेश सरकार विकास कार्य करते हुए राजनीतिक सेवक के रूप में कार्य कर रही है।
विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक विश्वनाथ सिंह ने कहा भोजपुरी आपस में भाईचारा बनाये रखने के साथ बड़ों का सम्मान और छोटों को स्नेह देने की सीख देती है। इससे सामाजिक समरसता बढ़ने के साथ अपनापन भी झलकता है। भोजपुरी को यहां के नेताओं के चलते उचित सम्मान नहीं मिलना चिंता का विषय है।
इस दौरान ‘भारतीय लोक संस्कृति में भोजपुरी का महत्व’ विषयक संगोष्ठी भी आयोजित हुई। इस दौरान पूर्व विधायक डॉ.पीके राय, बीआरडी मेडिकल कालेज के प्रोफेसर डॉ.नीला राय शर्मा, सदाशिव मणि त्रिपाठी आदि ने भी विचार व्यक्त किए। गोष्ठी में अधिकांश वक्ताओं ने भोजपुरी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने पर जोर दिया।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप जलाने के साथ हुआ। इस दौरान बिहार के लोक गायक ओमप्रकाश माली ने गीत गाकर अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर क्षेत्रीय कलाकारों ने फरुवाही नृत्य प्रस्तुत किया। भोजपुरी के हास्य कवि बादशाह प्रेमी, महबूब आलम दिव्यांग, पूनम पटेल, मजीबुल्लाह भोजपुरी में अपनी रचनाएं सुनाई। अंत में आयोजक सुभाष चन्द पटेल ने आगंतुकों का आभार जताया।
अध्यक्षता भोजपुरी के प्रसिद्ध गीतकार तारकेश्वर मिश्र राही तथा संचालन युवा कवि मनन्जय तिवारी ने किया। इस दौरान डॉ. महेन्द्रनाथ सिंह, प्रधान संघ के अध्यक्ष विरेन्द्र कुमार सिंह, प्रधान कृष्णकान्त सिंह, प्रदीप सिंह, विनय तिवारी, अवधेश सिंह, विजय यादव, चन्द्रशेखर यादव, विद्यासागर पाण्डेय, ब्रजेश, राणा प्रताप आदि मौजूद रहे।