फाजिलनगर। देवरिया संसदीय क्षेत्र में शामिल फाजिलनगर ब्लॉक के गांव धौरहरा को सांसद आदर्श ग्राम का दर्जा मिला है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र के इस आदर्श गांव में चार वर्ष बाद भी समस्याएं वही हैं। बिजली, पानी, स्वास्थ्य और रोजगार के संकट से जूझते लोगों को अब सांसद से कोई उम्मीद भी नहीं बची है। गांव की भर टोली के 50 घरों में आज तक बिजली नहीं पहुंची, जबकि पोल व तार बस्ती के नजदीक ही हैं।
सांसद आदर्श ग्राम धौरहरा कुल 12 पुरवों में फैला है। लगभग पांच हजार की आबादी वाले इस गांव को वर्ष 2015 में सांसद कलराज मिश्र ने सांसद आदर्श ग्राम के लिए चुना था। गांव के लोगों को उम्मीद की नई रौशनी दिखी लेकिन अब मायूसी है। बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के पैमाने पर यह गांव भी क्षेत्र के किसी अन्य गांव जैसा ही है। गांव की भर टोली में लगभग 50 घर गरीबों के हैं। इस टोले के करीब तक बिजली के तार व पोल लगे हैं लेकिन टोला अभी भी विद्युतीकरण से वंचित है। अलबत्ता सांसद की तरफ से एक दर्जन सोलर लाइट जरूर लगवाए गए हैं। राजीव गांधी विद्युतीकरण परियोजना के तहत चार साल पहले शुरू हुआ विद्युतीकरण का कार्य अब भी अधूरा है।
जिस सांसद आदर्श ग्राम को लेकर हर दिन चर्चाएं होती रहती हैं, वहां के विद्युतिकरण व बिजली संबंधी अन्य समस्याओं के बारे में फाजिलनगर उपकेंद्र के जेई एके वर्मा को जानकारी ही नहीं है। गांव की भरटोली में विद्युतीकरण नहीं होने के सवाल पर जेई का कहना था कि उन्हें यहां के विषय में कोई जानकरी नहीं है। पता करेंगे कि अब तक कार्य क्यों अपूर्ण है और भरटोली में विद्युतीकरण की कोई योजना बनी है अथवा नहीं।