कुशीनगर/पकवा इनार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भदंत एबी ज्ञानेश्वर का पूरा जीवन बुद्ध की शिक्षा, मूल्यों व आदर्शों के प्रति समर्पित रहा। 90 वर्ष की उम्र में उन्होंने 31 अक्टूबर को निर्वाण प्राप्त किया।
सीएम ने यह बातें रविवार को बुद्ध विहार में भदंत एबी ज्ञानेश्वर को श्रद्धांजलि देन के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि लखनऊ में जब भंते ज्ञानेश्वर को परिनिर्वाण प्राप्त हुआ था, तब प्रदेश सरकार की ओर से वरिष्ठ मंत्री विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करने अस्पताल पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि मैं भी अपनी तरफ से श्रद्धांजलि संदेश उस समय भेजा था। आज मैं भंते ज्ञानेश्वर जी की पुण्य आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। सीएम ने कहा कि महात्मा बुद्ध के मूल्यों, आदर्शों और उनकी शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए भंते ज्ञानेश्वर जी ने योगदान दिया है। यहां का दौरा करने का मकसद प्रार्थना करना था।
प्रदेशवासियों और सरकार की तरफ से भंते ज्ञानेश्वर की स्मृतियों को नमन करता हूं। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देता हूं। भदंत एबी ज्ञानेश्वर के पार्थिव शरीर को उनके अनुयायियों ने एक से 10 नवंबर तक वर्मी बुद्ध मंदिर में रखा है। 11 नवंबर को उनका यहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसके पहले मुख्यमंत्री शाम करीब 4:28 बजे यहां पहुंचे। उन्होंने भदंत ज्ञानेश्वर के पार्थिव शरीर के सामने दीप जलाया। इसके बाद पुष्प चढ़ाकर परिक्रमा की।
श्रीलंका बुद्ध विहार के प्रभारी भंते नन्द रतन से जानकारी ली। मुख्यमंत्री यहां से करीब आठ मिनट के बाद शाम 4:36 पर कृषि विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर उनके साथ कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद विजय कुमार दूबे, विधायक पीएन पाठक, मोहन वर्मा, सुरेंद्र कुशवाहा, डाॅ. असीम राय, मनीष जायसवाल, विवेकानंद पांडेय, विनय प्रकाश गोंड, जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, ब्लाक प्रमुख विशाल सिंह, डीएम महेंद्र सिंह तंवर, एसपी केशव कुमार, आदि मौजूद रहे।