पउरौना। त्योहार व सहालग के साथ मिलावटखोर हर मौके पर सक्रिय रहते हैं। बृहस्पतिवार को पूरे जिले में क्रिसमस की धूम रहेगी। इस पर केक की मांग बढ़ जाती है। इसे देखते हुए धंधेबाज सक्रिय हो गए हैं। वह मिलावटी केक और पेस्ट्री बेचकर मुनाफा कमाने की जुगत में हैं।
हानिकारक केमिकल, रंगों और घटिया सामग्री का इस्तेमाल सेहत के लिए खतरा बन सकता है। हालांकि खाद्य सुरक्षा विभाग छापेमारी कर रहा है, लेकिन लोगों को केक की खरीदारी करते समय सतर्क रहने की सलाह दी है। क्रिसमस पर मॉल से लेकर बाजार और घरों से लेकर दुकान तक संचालित बेकरी की दुकानों पर केक के खूब ऑर्डर आ रहे हैं। केक को आकर्षक बनाने के लिए उसमें प्रयोग होने वाली केमिकल युक्त रंग सेहत बिगाड़ सकती है। बाजार में प्लम, चॉकलेट, फ्रूट और एगलेस केक की मांग सबसे अधिक है। इसी मांग को देखते हुए मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं।
हालांकि केक में मिलावट का अंदेशा देख विभाग चौकन्ना है। विभाग की तरफ से गठित टीम जिले में भ्रमण कर केस के नमूने एकत्र कर रही है।
जानकारों की मानें तो बाजार में पारंपरिक प्लम केक, फ्रूट केक की हर समय मांग रहती है, ऐसे में इसमें मिलावट की योजना बना लिए हैं। केक बनाने वाले जानकार बताते हुए हैं कि इस केक में अखरोट, बादाम, काजू को शामिल किया जाता है।
फलों के केक में किशमिश, चेरी, कैंडी, ऑरेंज जेस्ट से फ्लेवर दिया जाता है, जबकि पारंपरिक प्लम केक को बनाने के लिए वाइन के साथ केक मिक्स को करीब 15 दिन पहले से तैयार किया जाता है। इसके अलावा रम मिक्स केक भी स्पेशल ऑर्डर पर तैयार कराए जाते हैं। इस तरह बने केक लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है। इसी का फायदा धंधेबाज उठाते हैं। वे केक में मैदा, सूजी के अलावा फिनिशिंग और उसे आकर्षक बनाने के लिए कई फ्लेवर रंग मिला रहे हैं।
इसके सेवन से सेहत बिगड़ सकती है। क्रिसमस को लेकर केक के ऊपरी हिस्से में मेरी क्रिसमस, सेंटा, स्लेज, स्नोमैन आदि कारीगरी केक को बेहद आकर्षक बनाए है, लेकिन, धंधेबाज इसकी आड़ में कई मिलावटी सामग्री खपाने की योजना बनाए हैं। शहर में कई जगह बेकरी और केक बनाने का कार्य होता है। जहां आर्डर लेकर केक बनाए जाते हैं। बीते तीन-चार दिनों से कारोबारी क्रिसमस पर मिले आर्डर को पूर करने में लगे हैं।
बेकरी का कार्य कराने वाले कारोबारी बताते हैं कि क्रिसमस पर बेकरी में दो से तीन तरह के केक लोग बनवा रहे हैं। पारंपरिक प्लम के अलावा मित्रों आदि के यहां भेजने के लिए एगलेस, फ्रूट और चॉकलेट केक भी बनवाए जा रहे हैं। इनकी कीमत 600 से 1000 रुपये के बीच है। इसके अलावा लग्जरी और डिजाइनर केक की कीमत 1600 रुपये तक है। तीन से छह किलो या उससे अधिक वजन के यह केक सिर्फ ऑर्डर पर तैयार किए जाते हैं। इसमें बेल्जियम चॉकलेट ट्रफल, ऑर्गेनिक बटर, जैम और विदेशी मेवे का उपयोग किया जाता है।
कृत्रिम रंगों की होती है मिलावट
पडरौना। केक को आकर्षक बनाने और लागत कम करने के लिए मिलावटखोर हानिकारक पदार्थों की मिलावट करते हैं। वे उसमें मैदा, स्टार्च, घटिया क्वालिटी का तेल, डालडा, कृत्रिम रंग (जैसे रोडामिन-बी) और बेकिंग पाउडर में मिलावट करते हैं।