तमकुहीरोड। संत कबीर ने समाज को सन्मार्ग पर चलने और गुरुभक्ति का संदेश दिया था। उनका मानना था कि सच्चे गुरु के सानिध्य में ही मानव जीवन को सफल बनाया जा सकता है। गुरु ही परमात्मा के अलौकिक ज्ञान से परिचय कराता है। गुरु के बताए आदर्शों पर चल कर ही हम अपने जीवन को धन्य कर सकते हैं।
ये बातें साध्वी तारामती ने कहीं। वे शुक्रवार की रात सेवरही के जवाहर नगर स्थित गांधी चबूतरे पर आयोजित दो दिवसीय सदगुरु कबीर सत्संग समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा संत कबीर दास आडंबर रहित समाज के पक्षधर थे। सत्संग को महराजगंज से आये ज्ञानी साहब, बक्सर से आयी साध्वी इंद्रमाती सहित अन्य कई कबीर पंथियों ने भी संबोधित किया। सामाजिक कुरीतियों व आडंबरों पर प्रहार करते हुए लोगो से कबीर के बताए मार्ग पर चलने की सीख दी। कई लोगों ने दीक्षा ली। इसके बाद आरती कर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
इस दौरान आयोजक राजेश दास उर्फ गुड्डू बाबू, पूर्व चेयरमैन त्रिभुवन जायसवाल, मनोज विश्वकर्मा, रणवीर प्रताप शाही, शिवकांत पांडेय, सुरेंद्र शर्मा, भोला वर्मा, सुरेश मद्धेशिया, विनोद वर्मा मौजूद रहे।