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Kushinagar News: ऑर्केस्ट्रा नहीं लाने से नाराज लड़की वालों ने बरातियों पर किया हमला

Thu, 08 Jun 2023 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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दस दिन में छह से अधिक बगैर दुल्हन के लौटी बरात, शादी नहीं हुई पूरी
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जयमाल के समय दूल्हे को मिर्गी आना, नशे में दूल्हा, वर पक्ष की ओर से ऑर्केस्ट्रा व गहना नहीं लाने पर हुए विवाद
दूल्हे को बंधक बनाकर घर से लेकर थाने तक हुई पंचायत, सामान वापस कर हुआ समझौता
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जनपद में बीते दस दिनों से अजीबोगरीब मामले सामने आ रहे हैं। इससे बरात लौट जा रही है। वर पक्ष की ओर से गहना नहीं लाने पर बरात वापस हो जा रही है। जयमाल के समय दूल्हा शराब के नशे में मिलता है, जयमाल के समय दूल्हे को मिर्गी आ जाती है। दूल्हे की अचानक तबीयत खराब हो जाने से भी बरात लौट जा रही है। इसके पूर्व दोनों पक्षों में लेन-देन की वापसी को लेकर थानों में पंचायतें भी हो रही हैं। सामान वापसी के बाद लोग वापस चले जा रहे हैं। कुछ मामलों में तो दूल्हे को बंधक भी बनाया गया।
बुधवार की रात कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के गांव सिकटा निवासी एक व्यक्ति के यहां थाना क्षेत्र के ही कल्याण छापर से लड़के वाले बरात लेकर आए थे। बरात में पर्याप्त मात्रा में गाड़ियां तो लेकर आए, लेकिन ऑर्केस्ट्रा नहीं आया था। जब लड़की वालों को पता चला कि ऑर्केस्ट्रा नहीं आया है तो आग बबूला हो गए और दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। थोड़ी देर बाद घरातियों और बरातियों में मारपीट शुरू हो गई।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से मामले को शांत कराया। उसके बाद वर पक्ष के लोग बिना शादी किए ही लौट गए। बृहस्पतिवार की सुबह से दोनों पक्षों ने थानाध्यक्ष को प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की। थाने पर पंचायत के बाद दोनों पक्ष एक दूसरे का सामान वापस कर दिए। सुलह समझौता कर दोनों पक्ष अपने घर चले गए। इस तरह ऑर्केस्ट्रा न लाने पर शादी टूट गई।

शराबी दूल्हा देख दुल्हन ने किया शादी से इन्कार दो जून को सेवरही थाना क्षेत्र के तिवारीपट्टी गांव में बिहार प्रांत के भुआलपट्टी गांव से बरात आई थी। लड़की पक्ष की ओर से बरातियों की खूब आवभगत की गई। दूल्हा नशे में था। उसने लड़की के चाचा को थप्पड़ जड़ दिया। फिर मामला किसी तरह शांत हुआ। द्वारपूजा के दौरान दूल्हा कभी इधर तो कभी उधर झूम रहा था। द्वार पूजा के बाद जयमाल की तैयारी शुरू हुई। दूल्हा के जयमाल स्टेज पर पहुंचने के थोड़ी ही देर बाद दुल्हन भी अपनी सहेलियों के साथ स्टेज पर पहुंच गई। दूल्हा-दुल्हन के हाथ में जयमाला दी गई। इसी दौरान दुल्हन ने दूल्हे को शराब के नशे में स्टेज पर डगमगाते देखकर वरमाला डालने से इन्कार कर दिया। उसने शादी करने से भी मना कर दिया।

दूल्हे को आई मिर्गी, दुल्हन ने किया शादी से इन्कार पांच जून को विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बरवा बभनौली गांव में बरात आई थी। द्वार पूजा के समय दूल्हे को मिर्गी आने पर हंगामा हो गया। दुल्हन ने शादी करने से इन्कार कर दिया। फिर सुबह दोनों पक्षों में पंचायत होने पर सामान वापसी के बाद बरात वापसी हो गई।

अचानक दूल्हा पड़ गया बीमार, बरात वापस
सात जून को जटहां बाजार थाना क्षेत्र की ग्राम सभा चिरगोड़ा में देवरिया जनपद के करहल बाजार से बरात आई थी। अचानक दूल्हा बीमार पड़ गया। यह देखकर लड़की पक्ष वाले लड़के पक्ष के परिजनों को बंधक बना लिए। दहेज का पैसा वापस करने की मांग करने लगे। पैसा वापस होने पर दूल्हा सहित अन्य परिजनों को बंधक से मुक्त किया। शादी नहीं हुई।

गहना नहीं लाया तो बरात वापस
30 मई को सदर कोतवाली क्षेत्र के कटनवार गांव में बिहार से बरात आई थी। द्वारपूजा और जयमाल के बाद बरनेत के समय वर पक्ष की ओर से गहना नहीं लाने पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। दूल्हे को बंधक बनाया गया। मामला थाना पहुंचा। पंचायत होने के बाद सामान वापसी हुई। बिना शादी के ही दूल्हा सहित अन्य लोग वापस चले गए।
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क्या कहते हैं समाजशास्त्री
रूपांतरण के दौर से गुजर रही विवाह संबंधी प्रक्रिया
वर तथा वधू दोनों ही पक्ष आकांक्षाओं के संक्रमण के शिकार हो रहे हैं। विवाह के आठ प्रकारों में से मुख्यत: वर्तमान भारत में ब्रह्म विवाह का प्रकार प्रचलित है, जो मूलत: पिता की ओर से चयनित सद्गुण संपन्न वर को अपनी प्राण प्रिय कन्या को अपनी गाढ़ी कमाई में से भांति-भांति के उपहार देकर अग्नि के सात फेरों तथा सात संकल्पों के साथ संपन्न होने वाला एक धार्मिक संस्कार है। भारत की संस्कृति के संक्रमण के दौर से गुजर रही वर्तमान परिस्थिति में यह ब्रह्म विवाह भांति भांति की उपभोग वादी, आकांक्षाओं सहित भोगवादी मानसिकता का शिकार होता जा रहा है। इसके कारण हम पूर्व से विवाह प्रक्रिया संबंधी पूर्व से प्रचलित संतुलित व्यवहार प्रतिमान को त्यागकर, अति महत्वाकांक्षा में आर्थिक, शैक्षणिक अथवा शारीरिक दृष्टि से बेमेल जोड़ियों का विवाह तय करना, दहेज का अति लोभ, मादक द्रव्य व्यसन आदि के संजाल में फंस जाते हैं जो समय बीतने के साथ साथ अंतत: आकांक्षाओं के टकराव में रूपांतरित हो जाते हैं। फलस्वरूप ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं घटित हो जाती हैं।
-डॉ. अभय कुमार राय, समाजशास्त्री
प्राचार्य, विद्यावती देवी महाविद्यालय, तमकुहीराज
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