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गंडक नदी के पानी से बांसी में उफान

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पिपराघाट में धान की फसल जलमग्न। - फोटो : KUSHINAGAR
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गंडक नदी के पानी से बांसी में उफान
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धान की फसल जलमग्न, किसान चिंतित
तमकुहीरोड (कुशीनगर)। गंडक नदी में पानी बढ़ने से बांसी नदी भी उफना गई है। इससे पिपराघाट सहित अन्य कई गांवों में सैकड़ों एकड़ में धान की फसल जलमग्न हो गई है। किसानों की गन्ने की फसल भी गिर गई है। इससे किसान चिंतित हैं।
पिपराघाट सहित राजपुर खास, बेनिया पिपरा, नरवा टोला, इमिलिया टोला, जोगनी, देवनारायण टोला, रानीगंज, ब्रह्मपुर, पिरोजहां, चौकी टोला, उपाध्याय टोला, शिव टोला, मुसहरी टोला, दहारी टोला, तवकल टोला सहित अन्य कई गांव गंडक व बांसी नदी के दोआबे में बसे हुए हैं।
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इन गांवों में सैकड़ों एकड़ में धान व गन्ने की फसल बोई गई है। गंडक नदी का डिस्चार्ज तीन लाख सत्रह हजार क्यूसेक पहुंचने के बाद बृहस्पतिवार को घटकर दो लाख तीस हजार क्यूसेक पर आ गया।
बाढ़ से प्रभावित किसान ध्रुव निषाद, सरल शर्मा, विश्वनाथ चौधरी, श्रीनिवास मिश्र, राकेश तिवारी, कैलाश सिंह आदि किसानों का कहना है कि गंडक नदी का पानी बांसी नदी में आकर गिर रहा है। अगर गंडक का डिस्चार्ज शीघ्र सामान्य नहीं हुआ तो फसल को बचाना मुश्किल हो जाएगा। इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
गंडक नदी में नाव पलटी
खड्डा। गंडक नदी में बृहस्पतिवार को एक नाव पलट गई। दो नाविक डूबने लगे। दूसरी नाव से एक किमी तक पीछा कर दोनों को सुरक्षित निकाला गया।
हनुमानगंज थाना क्षेत्र के हनुमानगंज गांव के निवासी रमाकांत मल्लाह व कैलाश मल्लाह छोटी नाव से नदी में बहकर आ रही लकड़ी को निकालने गए थे। दोनों मुख्य धारा के पास बहकर आ रही लकड़ी को नाव में रख रहे थे, तभी नाव पलट गई। नाव पानी की धारा में लापता हो गई। दोनों ने किसी लकड़ी के सहारे अपने को बचाते हुए मदद के लिए आवाज लगाई। आवाज सुनकर दूसरे नाविकों का ध्यान उधर गया और बचाने के लिए नाव लेकर निकल पड़े। लगभग एक किमी तक पीछा कर दोनों को सुरक्षित बचा लिया। संवाद
गंडक का फिर बढ़ा जलस्तर, ग्रामीण सहमे
खड्डा। गंडक नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव जारी है। बृहस्पतिवार शाम नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
दो अगस्त की शाम सात बजे वाल्मीकि बैराज से 3,17,600 क्यूसेक पानी गंडक नदी में छोड़ा गया था। इससे मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर और नरायनपुर गांव में बाढ़ का पानी घुस गया था। बुधवार से जलस्तर में कमी आने से शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर गांव के अधिकांश हिस्से से पानी निकलकर निचले हिस्से एवं सड़कों पर चला गया था। बृहस्पतिवार को दिन में 11 बजे जलस्तर में 1,17,000 क्यूसेक की कमी आने से 2,00,600 क्यूसेक तक आ गया। डिस्चार्ज कम होने से जलस्तर भैसहां गेज पर शाम चार बजे चेतावनी बिंदु से 40 सेंटीमीटर ऊपर 95.40 मीटर था। शाम पांच बजे 2,70,400 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। संवाद
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एपी बांध पर बढ़ा पानी का दबाव
तमकुहीरोड। गंडक नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव से एपी बांध पर लगातार पानी का दबाव बना हुुुआ है। जलस्तर घटने पर तटबंधों पर कटान का खतरा बढ़ सकता है।
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बृहस्पतिवार दोपहर में गंडक का डिस्चार्ज दो लाख साठ हजार क्यूसेक हो जाने के बाद एक बार फिर पानी बढ़ने लगा है। एसडीओ एसके प्रियदर्शी ने बृहस्पतिवार को नोनियापट्टी व कचहरी टोला का जायजा लिया। उनका कहना है कि बांध पर दबाव है, लेकिन फिलहाल कोई खतरा नहीं है। एहतियात के तौर पर पूरे बांध की निगरानी बढ़ा दी गई है। संवाद
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