बैंककर्मियों ने निकाली रैली, दिया धरना
पडरौना। निजीकरण के खिलाफ बैंक यूनियनों के आह्वान पर मंगलवार को दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा। पडरौना शहर में बैंक कर्मचारियों ने रैली निकाली। उसके बाद पीएनबी की सुभाष चौक शाखा पर पहुंचकर धरना दिया। निजी बैंकों के कर्मचारियों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। कर्मचारियों ने कहा कि बैंकों का निजीकरण हो जाने से सर्वाधिक दुष्प्रभाव आम जनता पर पड़ेगा। राष्ट्रीयकृत बैंकों की तरफ से दी जाने वाली सुविधाओं से सामान्य खाताधारकों को वंचित होना पड़ेगा।
मंगलवार को भी बैंक कर्मचारियों ने अपने-अपने बैंकों में कार्य का बहिष्कार किया। भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारी अनिल श्रीवास्तव, रूपेश श्रीवास्तव, राहुल गुप्ता, मृत्युंजय मिश्रा, प्रभाकर वर्मा, विश्वजीत कुमार, रविरंजन कुमार, हिदायतुल्लाह, रवींद्र कुशवाहा, मुन्ना पंडित, छट्ठू प्रसाद, जितेंद्र पांडेय, नरेंद्र प्रसाद सहित काफी संख्या में बैंक कर्मचारी नगर के सुभाष चौक पर एकत्र हुए। यहां हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शहर के कोतवाली रोड, मुख्य बाजार रोड, धर्मशाला रोड, रामकोला रोड, कसया रोड सहित सभी प्रमुख मार्गों पर रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इन लोगों ने बैंकों का निजीकरण रोकने की मांग की। इसके बाद पीएनबी की सुभाष चौक शाखा पर पहुंचकर धरना पर बैठ गए।
ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के जिला संगठन मंत्री विवेक प्रकाश ने संगठन की मांगों को पढ़कर सुनाया। इसके बाद कर्मचारियों ने बैंकों के निजीकरण से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को अवगत कराया। इन लोगों ने यह भी मांग की कि बैंकों के निजीकरण का प्रस्ताव वापस लिया जाए, 11वें वेतन समझौते व 8वें ज्वाइंट नोट को बिना काटछांट के ग्रामीण बैंकों में लागू किया जाए तथा बैंककर्मियों के लंबित मुद्दों (प्रोन्नति नीति का संशोधन, उचित मानवशक्ति नियोजन और भर्तियां, दैनिक वेतनभोगियों की समस्याओं आदि) का तत्काल समाधान किया जाए।
इस दौरान अजय कुमार, विवेक प्रकाश, नितेश तिवारी, दिग्विजय, अंकुर तिवारी, दिपेश कुमार, आदित्य कुमार, महंथ शर्मा, सूरज कुमार और अजय कुमार यादव सहित अन्य बैंककर्मी मौजूद थे।