पडरौना। दहेज हत्या के करीब 15 साल पुराने मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी रमेश की दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने पाया कि आरोपी पहले जमानत पर था, लेकिन न्यायालय में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी है। इसके बावजूद वह कई बार न्यायिक कार्यवाही के दौरान से गैरहाजिर रहा।
सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार त्यागी की अदालत में खड्डा थाना क्षेत्र के आरोपी रमेश की ओर से दूसरी जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी बेहद गरीब है और अधिक कर्ज होने से कुछ समय के लिए बाहर चला गया था।
अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी पूर्व में विचारण में सहयोग करता रहा है और अब मुकदमे की कार्यवाही में सहयोग करने को तैयार है। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए बताया कि मामला वर्ष 2011 की घटना से संबंधित है। आरोपी के कई मामलों में प्राथमिकी दर्ज है।
आरोपी पहले जमानत पर था, लेकिन न्यायालय में अनुपस्थित रहने पर 24 मार्च 2026 को उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया। इससे पहले भी उसके खिलाफ 20 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी हो चुका था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि आरोपी को मुकदमे की कार्यवाही की पूरी जानकारी होने के बावजूद वह बार-बार न्यायालय से अनुपस्थित होता रहा। अदालत ने इस तथ्य को गंभीरता से लेते हुए रमेश की दूसरी जमानत अर्जी निरस्त कर दी। संवाद