दंगल प्रतियोगिता में पहलवानों ने दिखाया दमखम
सतासी इंटर कॉलेज में मैदान पर हुई कुश्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। सतासी इंटर कॉलेज के खेल मैदान पर प्रदेश स्तरीय दंगल प्रतियोगिता में शुक्रवार को पहलवानों ने जोर आजमाइश की। निर्णायक मुकाबले में देवरिया के अवधेश यादव ने मऊ के शिवम को पटकनी देकर पूर्वांचल केसरी का खिताब जीत लिया। प्रतियोगिता में विजेता, उपविजेता पहलवानों को आयोजक मनमथ मणि त्रिपाठी व अखिलेश यादव ने गदा और नकद देकर पुरस्कृत किया।
सेमीफाइनल का मुकाबला इटवा के शिवा और मऊ के शिवम के बीच हुआ। शिवम ने शिवा को चार प्वांइट से हरा दिया। दूसरे सेमीफाइनल में देवरिया के अवधेश ने गोरखपुर के आदित्य को पटकनी दी। गोरखपुर रेलवे के विकास और ददरी के सत्येंद्र के बीच रोमांचक कुश्ती रही। अंतिम समय में विकास ने सत्येंद्र को आसमान दिखा दिया। बड़हलगंज के पिंटू ने करमेल बनरही के शिवम को सीधे मुकाबले में मात दी।
महिला कुश्ती देवरिया की ज्योति और भलुअनी की नेहा के बीच हुआ। दोनों के बीच मुकाबला बराबरी पर छूटा। देवरिया के मदन और गोरखपुर रेलवे के अनुभव ने जोरदार कुश्ती लड़ी, पर दोनों एक-दूसरे को पटकनी नहीं दे पाए। रामचक के गज और रामबाग के अभिषेक, अमन रुद्रपुर और छोटू बिरवा के बीच कुश्ती बराबर पर रही। इस अवसर पर आयोजक मंडल के धन्नंजय सिंह, अमन सिंह, अंबुज पांडेय, सज्जाक अली, शैलेष यादव, पंकज यादव, हंसनाथ यादव, सिंकदर यादव, अशोक कृष्ण यादव, अभिषेक शर्मा आदि मौजूद रहे।
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कुश्ती में कॅरिअर बना रहे हैं नौजवान
फोटो समाचार।
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। विश्व मंच पर कुश्ती और आईपीएल की तर्ज पर दंगल प्रतियोगिताओं की लोकप्रियता बढ़ता देख फिर से युवाओं में कुश्ती के प्रति उत्साह बढ़ता जा रहा है। खाकी पहनने की तैयारी कर रहे नौजवान कुश्ती में भी कॅरिअर बना रहे है। पूर्वांचल में दंगल प्रतियोगिता में ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं की बढ़ती भागीदारी उनके आंखों में ओलंपिक का पदक जीतने की चाह दिखा रही है।
शुक्रवार को सतासी इंटर कॉलेज के मैदान पर जुटे पहलवानों में उत्साह दिखा। डाला के विशाल यादव ने कहा कि बीच के दशकों में कुश्ती हांसिए पर पहुंच गई थी। अब सरकारों ने ग्रामीण स्तर से जुड़े कुश्ती और कबड्डी के प्रति युवाओं की रुचि के अनुसार सुविधाएं देकर मनोबल बढ़ाया है गोरखपुर के गईयापार के छोटू यादव ने कहा कि युवा अब दंगल में कॅरिअर भी बन रहा है। खेल मैदान से कई प्रतिभाएं निकल कर कई विभागों में सेवा भी दे रहे है। कुश्ती के प्रति लोगों की दीवानगी बढ़ी है।
मठिया के आकाश ने कहा कि ग्रामीण युवाओं की आंखों में भी देश के लिए पदक जीतने की लालसा बढ़ी है।