पडरौना/दुदही। तरयासुजान थाना क्षेत्र के सुमही उर्फ मेहदिया के अब्दुल हसन का गला रेतने के आरोपी बाइक सवार युवकों की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। बहू ने जेल जाने से पहले दो युवकों के फोटो दिखाकर उन्हें हमलावर बताया था। जांच में हमलावर नहीं निकले। पुलिस की एक टीम उनकी तलाश में बिहार में डेरा डाले है। नामजद आरोपी अब्दुल हसन का भतीजा शमसुल भी पकड़ में नहीं आया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
एक अगस्त को तिलकपट्टी चौराहे के पास बाइक सवार दो युवकों ने चाकू से गला रेतकर अब्दुल हसन को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। शुक्रवार रात उनकी मौत हो गई। परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और शव रखकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि अब्दुल हसन का अपने भतीजे शमसुल से जमीन का विवाद था। आरोप है कि भतीजे ने धोखे से पुश्तैनी जमीन अपने नाम करा ली थी। न्यायालय से अब्दुल हसन के पक्ष में फैसला आया था। एक अगस्त को वह फैसले की कॉपी लेने के लिए कोर्ट जा रहे थे। इसी दौरान तिलकपट्टी चौराहे के पास उन पर हमला हुआ था। पुलिस ने शमसुल, उसकी पत्नी और अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली।
पुलिस ने शमसुल की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने पुलिस को दो युवकों के फोटो दिखाकर बताया था कि बिहार के रहने वाले इन्हीं दोनों युवक ने अब्दुल हसन पर चाकू से हमला किया था। पुलिस ने फोटो में दिख रहे युवकों की तलाश शुरू की। जांच में तस्वीरों में दिख रहे युवक हमलावर नहीं निकले। इसके बाद पुलिस ने नए सिरे से पड़ताल शुरू की है। पुलिस का मानना है कि जेल में बंद बहू ने दूसरे युवकों के फोटो दिखाकर जांच को गुमराह किया। अब पुलिस वास्तविक हमलावरों की पहचान करने के साथ ही भूमिगत चल रहे शमसुल की तलाश में भी जुटी है। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम बिहार में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।