पडरौना। अवैध शराब की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस ने हाईवे पर सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस की सक्रियता के कारण तस्कर अब हाईवे की बजाय पगडंडी रास्तों, नदी मार्ग व तटबंधों से शराब की तस्करी को अंजाम दे रहे हैं। जिले में 65 किमी बह रही बड़ी गंडक नदी के तटबंध तस्करों के लिए मुफीद बन गए हैं।
तटबंध के आसपास के इलाकों में शराब भंडारण करने के बाद रात के अंधेरे में तस्कर बड़ी ही आसानी से नाव पर शराब रखकर बिहार तक पहुंचा रहे हैं। बुधवार को तरयासुजान थाने की पुलिस ने 38 पेटी शराब के साथ 10 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अभी इस गिरोह में कई और लोग भी शामिल हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगीं हुईं हैं।
यूपी के रास्ते बिहार में होने वाली शराब तस्करी का तरीका अब पूरी तरह से बदल चुका है। तस्कर अब नदी के रास्ते नाव से शराब की खेप को बिहार में भेज रहे हैं। इसके लिए तस्कर बेरोजगार युवकों का सहारा ले रहे हैं और उन्हें इस आपराधिक कृत्य को अंजाम देने के लिए पांच सौ से हजार रुपये का लालच भी दे रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि खड्डा तहसील क्षेत्र से लेकर तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के तटबंधों के किनारे सुरक्षित जगहों पर तस्कर पहले शराब का भंडारण करते है और फिर शाम ढलते ही नदी के रास्ते तस्करी कर नाव से शराब की खेप बिहार प्रांत में पहुंचाते हैं। बिहार में शराब पहुंचने के बाद वहां का सिंडिकेट इसकी खपत के लिए काम में जुट जाता है। खड्डा तहसील में छितौनी तटबंध, भैसहा, नरकहवा आदि जगहों पर भंडारण किया जा रहा है। जबकि, तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में अमवा खास तटबंध, बरवापट्टी व लक्ष्मीपुर बांध के अलावा तमकुहीराज क्षेत्र में नदी के किनारे बसे गांव चैनपट्टी, अहिरौलीदान, रामपुर बंगरा, बाघाचौर, नोनिया पट्टी से तस्कर बिहार में भेज देते हैं। एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि नदी और तटबंधों पर संबंधित थानाध्यक्षों को गश्त तेज करने के निर्देश दिए।