पडरौना पहुंचे 700 परदेसी, जांच के बाद भेजे गए घर
पडरौना। जिले की सीमा सील होने के बाद भी सोमवार करीब 700 परदेशी पडरौना पहुंचे। इनकी गणना व जांच के लिए प्रशासन ने स्वास्थ्य व राजस्व विभाग की टीम लगाई थी। प्रारंभिक जांच के बाद सभी को ट्रैक्टर-ट्राली से उनके गंतव्य की तरफ भेजा गया। इनमें से 70 लोग कुशीनगर जिले के रहने वाले थे जिनकी अंगुली पर अमिट स्याही लगाकर घर में रहने के निर्देश दिए गए।
सुबह सात बजे से ही पडरौना बस स्टेशन पर रोडवेज की बसों से यात्रियों का आना शुरू हो गया था। यहां ड्यूटी कर रहे लेखपाल वंश बहादुर यादव ने बताया कि दोपहर एक बजे तक कुल आए यात्रियों में से 66 लोग कुशीनगर के थे। शेष सभी बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा व बेतिया क्षेत्र के रहने वाले थे। बिहार के राहगीरों को ट्रैक्टर-ट्राली से बार्डर तक भेजा गया। इसके अलावा जटहां बाजार, छितौनी, खड्डा, कोटवा बाजार आदि के लोग पैदल ही अपने घर की तरफ चल दिए। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ड्यूटी दे रहे डॉ. वेदप्रकाश तिवारी ने बताया कि यहां आए सभी यात्रियों की जांच की गई। सभी स्वस्थ पाए गए, एहतियात के तौर पर सभी को अगले 14 दिन तक घर में रहने की हिदायत दी गई है।
राहगीरों को भोजन-पानी देकर भेजा
कप्तानगंज। दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों से लौट रहे लोगों को कप्तानगंज पुलिस ने जगह-जगह रोककर पूछताछ की और लंच पैकेट व पानी देकर आगे भेजा। कप्तानगंज नगर के आजाद चौक, किसान चौक, सुभाष चौक, डीसीएफ चौक के अलावा इंदरपुर, मंसूरगंज, मथौली बाजार आदि में पुलिस ने राहगीरों की निगरानी की। एसओ ज्ञानेन्द्र कुमार राय ने बताया कि संकट की इस घड़ी में समाज के प्रबुद्घ लोगों की मदद से राहगीरों के लिए भोजन-पानी का प्रबंध किया गया। इस दौरान चौकी इंचार्ज मंसूरगंज सुनील कुमार सिंह, चौकी इंचार्ज कप्तानगंज रितेश कुमार सिंह, चौकी इंचार्ज बोदरवार विजय शंकर सिंह, एसआई महेंद्र यादव, हेड कांस्टेबल अरविंद राय, कांस्टेबल आलोक प्रताप सिंह, मनीष सिंह, महिला आरक्षी श्वेता गुप्ता, क्षमा सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।