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मुकदमा दर्ज करने में मनमानी, थानेदारों पर पड़ेगी भारी

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मुकदमा दर्ज करने में मनमानी, थानेदारों पर पड़ेगी भारी
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मुकदमों में आरोपियों का नाम हटाने व जोड़ने की लेनी पड़ेगी अनुमति
पडरौना। अब मुकदमा दर्ज करने में थानेदार मनमानी नहीं कर पाएंगे। तहरीर के आधार पर मुकदमा नहीं लिखने की शिकायत पर संबंधित थानेदार पर कार्रवाई होगी। मुकदमा दर्ज करने में हीलाहवाली, तहरीर बदलवाने सहित अन्य शिकायतों को देखते हुए एडीजी जोन अखिल कुमार ने कुशीनगर सहित सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर इस संबंध में दिशानिर्देश जारी किए हैं।
एडीजी ने कहा है कि यदि कोई शिकायत सामने आई तो कार्रवाई तय है। पीड़ितों के थाने पर तहरीर देने के बाद मुकदमा दर्ज करने में मनमानी की शिकायतें एडीजी को मिल रही थीं।
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पीड़ितों का कहना है कि जो तहरीर दी जा रही है, उसे बदलवाकर पुलिस मुकदमा दर्ज कर रही है।
घटनाओं को छिपाने और धाराओं को कम करने के लिए इस तरह का खेल खेला जा रहा है। इसे देखते हुए एडीजी ने छह बिंदुओं पर दिशानिर्देश देते हुए मुकदमा दर्ज करके तत्काल एफआईआर की कापी पीड़ित को मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
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इन बिंदुओं पर पुलिस करेगी कार्रवाई
तहरीर के आधार शत प्रतिशत मुकदमा दर्ज किया जाए, एनसीआर न लिखकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करें, घटना का दिन, मुकदमा दर्ज करने की तिथि चेेक की जाए। पुराने मामलों में विलंब से एफआईआर दर्ज करने पर संबंधित पर कठोर कार्रवाई की जाए। मुकदमा दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। धारा और अभियुक्तों का नाम हटाने व जोड़ने की दशा में सीओ और एसपी से अनुमति लेनी पडे़गी। विवेचना शरीर संबंधी अपराधों में वरिष्ठ अधिकारी वादी और विवेचक को अर्दली रूम में बुलाकर चर्चा करेंगे।
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कोट
पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के संबंध जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं। शिकायत सामने आने पर संबंधित थानेदार पर कार्रवाई तय है।
-अखिल कुमार, एडीजी जोन
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