जवही दयाल में टूटे बांध और अहिरौलीदान में कटान से क्षति का लिया जायजा, सुरक्षा कार्यों की बनेगी विस्तृत कार्ययोजना
अधिकारियों ने बांध की सुरक्षा के लिए जरूरी कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही
तमकुहीरोड। नारायणी (गंडक) नदी की बाढ़ और कटान से एपी बांध को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए मंगलवार को गंडक हाईलेवल सब कमेटी की टीम ने निरीक्षण किया। टीम ने अहिरौलीदान में कटान से प्रभावित संवेदनशील स्थलों का जायजा लेकर जवही दयाल में टूटे बांध के बाद कराए गए सुरक्षात्मक कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बांध की सुरक्षा के लिए जरूरी कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही।
जीएफसीसी के डायरेक्टर शोभित चंद्र मिश्र, डिप्टी डायरेक्टर स्वदीप सिंह और निशा सिंह, एसई रमेश प्रसाद, एक्सईएन महेश कुमार सिंह और एसडीओ दीपरतन सिंह की अगुवाई में टीम सबसे पहले अहिरौलीदान पहुंची। यहां अधिकारियों ने डायग्राम के माध्यम से नदी की भौगोलिक स्थिति का अध्ययन किया। इसके बाद कटान से प्रभावित संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर स्थानीय अभियंताओं से बचाव कार्यों की जानकारी ली।
अधिकारियों ने यहां की स्थिति को चिंताजनक बताया। इसके बाद टीम जवही दयाल पहुंची, जहां इस साल बांध टूटने से भारी नुकसान हुआ था। अधिकारियों ने वहां कराए गए सुरक्षात्मक कार्यों की समीक्षा की। साथ ही बांध की पुनर्स्थापना और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। टीम ने जवही दयाल में किलोमीटर 3.000 से 4.300 के बीच कटान की स्थिति का भी आकलन किया। अंत में नरवाजोत बांध पर इस साल कराए गए परियोजना कार्यों की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने माना कि इस साल नदी ने बांध को काफी नुकसान पहुंचाया है, जिसका असर आसपास के ग्रामीणों पर भी पड़ा है। बांध को हुए नुकसान, कटान की स्थिति और सुरक्षा से जुड़ी कमियों को ध्यान में रखते हुए आगामी मानसून सत्र के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि समय रहते जरूरी बचाव कार्य कराए जा सकें। इस निरीक्षण के दौरान बाढ़ खंड के जेई रमेशधर दुबे, सुनील यादव, अमर श्रीवास्तव, अजीत सिंह, रामचंद्र प्रसाद और अभिजित सिंह सहित जेके सिंह आदि मौजूद रहे।