तमकुही राोड। गंडक नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते विरवट कोन्हवलिया गांव के सामने कटान तेज हो गई है। रविवार को एपी तटबंध का लगभग 50 मीटर स्लोप और कटकर नदी की धारा में विलीन हो गया। बिगड़ रही स्थिति को देख आसपास के गांवों में भय का माहौल है। गंडक नदी विरवट कोन्हवलिया गांव के सामने एपी तटबंध पर पिछले एक सप्ताह से कटान कर रही है। हर दिन नदी किनारे को काटते हुए मुख्य बंधे की तरफ बढ़ रही है। गांववालों का कहना है कि बाढ़ से बचाव के लिए जो कार्य कराए जा रहे हैं उसका कोई फायदा नहीं हो रहा है। गौतम सिंह समेत कई लोगों का आरोप है कि बचाव कार्य की धीमी गति के चलते ही स्थिति गंभीर होती जा रही है। इसके चलते कई गांवों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। गांव के शिवचंद्र चौहान, लालजी कुशवाहा, ओमप्रकाश सिंह, रमाशंकर चौरसिया, संजय सिंह आदि का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो इलाके को बाढ़ का दंश झेलना पड़ेगा। इस संबंध में बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता बीपी सिंह का कहना है कि कई जगहों से बोल्डर मंगाया जा रहा है। बंधे की सुरक्षा के लिए कटान रोकने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
त्वरित कार्रवाई को लेकर धरने पर बैठे विधायक
तमकुहीरोड। एपी तटबंध पर विरवट कोन्हवलिया गांव के सामने हो रही कटान को रोकने की मांग को लेकर तमकुहीराज के विधायक ने रविवार की शाम को धरना शुरू कर दिया। विधायक का आरोप है कि बंधे की सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए जाने से स्थिति गंभीर हो गई है। विरवट कोन्हवलिया गांव के सामने गंडक नदी तेजी से कटान कर रही है। रविवार को तटबंध का 50 मीटर स्लोप कट गया। दोपहर बाद मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार लल्लू ने बाढ़ खंड डिवीजन के अफसरों पर बंधे की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। विधायक ने कहा कि बरसात शुरू होने के पहले से ही जिले से लगायत प्रदेश स्तर तक के अफसरों को स्थिति से अवगत कराया गया, इसके बावजूद भी उचित कार्रवाई नहीं हुई। नतीजा यह हुआ कि बंधा कभी भी कट सकता है। विधायक के साथ कॉग्रेस के जिला महासचिव मोहम्मद अली, गौतम सिंह, ओमप्रकाश पटेल, वशिष्ठ सिंह, शर्मा यादव, शम्भू यादव, राजकुमार सिंह, भागवत निषाद, राघव सिंह, बबलू प्रसाद, डॉ. जेबी सिंह समेत कई लोग मौजूद थे।