एक वर्ष पहले इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट, धोखाधड़ी व साजिश रचने के आरोप में दर्ज हुआ था मुकदमा
इलाज में लापरवाही के बाद मरीज की हालत बिगड़ने पर दर्ज हुआ था मुकदमा
चोरी की डिग्री से हुआ था अस्पताल का पंजीकरण
बृहस्पतिवार को पुलिस ने प्रबंधक को गिरफ्तार कर भेजा जेल
अमर उजाला के बृहस्पतिवार के अंक में प्रमुखता के साथ छपी थी खबर
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा। चाेरी की डिग्री के सहारे अस्पताल का पंजीकरण कराने के मामले में सुर्खियों में आए हाटा क्षेत्र के अनुष्का हाॅस्पिटल के प्रबंधक को पुलिस ने बृहस्पतिवार को न्यायालय में प्रस्तुत करते हुए जेल भेज दिया। अस्पताल प्रबंधक की गिरफ्तारी इलाज में लापरवाही बरतने और धोखाधड़ी करने के मामले में दर्ज एक पुराने मामले में हुई।
हाटा कोतवाली के प्रभारी निर्भय सिंह ने बताया कि एक महिला का ऑपरेशन करने के दौरान उसके पेट में काॅटन छोड़ देने के मामले में महिला के पति चंद्रकेश सिंह ने हाटा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। उसी मामले में आरोपी अनुष्का हाॅस्पिटल के प्रबंधक अजय कुमार गौतम को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस अस्पताल का पंजीकरण सीएमओ कार्यालय में डॉ. विकास सिंह की डिग्री के आधार पर वर्ष 2018 में किया गया था। इस अस्पताल में अपने आप को डिग्रीधारक बताने वाले कई झोलाछाप न सिर्फ इलाज करते थे, बल्कि ऑपरेशन भी करते थे। ऑपरेशन के दौरान एक मरीज के पेट में कॉटन छोड़ देने पर मरीज के परिवारवालों ने हाटा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
स्वास्थ्य विभाग ने 28 जून 2022 को यह अस्पताल सील कर दिया था। दर्ज मुकदमे में पुलिस की जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि नोएडा निवासी डॉ. विकास सिंह की डिग्री के आधार पर उस अस्पताल का पंजीकरण हुआ था। पुलिस के संपर्क साधने पर डॉक्टर ने बताया कि कभी वह कुशीनगर नहीं आए हैं न ही उनकी डिग्री पर अस्पताल संचालित होने की जानकारी है।
पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। यह खबर अमर उजाला के बृहस्पतिवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने अस्पताल के प्रबंधक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।