नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के दबाव में तमकुही राज तहसील में एपी बांध टूटता जा रहा है। सोमवार की देर रात बांध का 10 मीटर हिस्सा टूटा था, मंगलवार की सुबह तक 100 मीटर तक बांध कटकर पानी में समा गया। इसके चलते 20 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
बंधा पर कटान स्थल से करीब 300 मीटर पहले रिंग बांध में भी भोर में करीब चार बजे से तेज रिसाव होने लगा। तीन घंटे की मशक्कत के बाद इंजीनियरों ने रिसाव को रोक दिया लेकिन, इससे पूरे क्षेत्र में दहशत है। वही, दोपहर बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा किया और गौरहा गांव में जाकर बाढ़ पीड़ितों से बातचीत की। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
एपी तटबंध पर गौरहा गांव के सामने सोमवार की रात रिसाव होने लगा और रात करीब 10:30 बजे बांध अचानक टूट गया। तटबंध टूटने की सूचना पर तटवर्ती गांवों को खाली कराने में अफसर जुट गए।
टूटे तटबंध को ठीक करने का कार्य मंगलवार को सुबह पांच बजे तक चला, लेकिन बाढ़ खंड इंजीनियरों की टीम को सफलता नहीं मिली और कटान का दायरा बढ़ता गया। इसी बीच रिंग बांध में रिसाव तेज होने से अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई। सभी आला अफसर मौके पर पहुंच गए।
एपी बंधे के बचाव के लिए आए बोल्डर, मिट्टी भरे बोरी की मदद से रिंग बांध का बचाव कार्य शुरू किए। भोर में चार बजे से सुबह सात बजे तक रिंग बांध को सुरक्षित कर लिया गया।
बाढ़ खंड के इंजीनियरों का कहना है कि नदी का दबाव यहां पर कम है, इस लिए सफलता मिल गई, जहां एपी बंधा टूटा है, वहां नदी का एकतरफा दबाव बना है, नदी का पूरा मूवमेंट गांव की ओर हो गया है, इसलिए कटान स्थाल पर बचाव कार्य बेअसर है। पानी का बहाव इतना तेज है कि रात में बाढ़ की जद में आने वाले संभावित और भी गांवों को खाली प्रशासन की ओर से कराया जा रहा है।
खड्डा क्षेत्र की 50 हजार आबादी भी प्रभावित
नारायणी नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद से खड्डा क्षेत्र की छितौीन नगर पंचायत के छह वार्ड के अलावा करीब 15 गांव में बाढ़ जैसे हालात हैं। यहां की करीब 50 हजार आबादी प्रभावित है। खड्डा से बिहार को जोड़ने वाले हाईवे पर भी पानी पहुंच गया है। नदी उस पार के गांवों में लोग पलायन कर रहे हैं लेकिन इस पार अपना सामान समेट कर जलस्तर घटने का इंतजार कर रहे हैं।
पानी का अधिक दबाव होने के कारण कटान स्थाल पर बचाव कार्य पूरी तरह से प्रभावी नहीं हो पा रहा है। बाढ़ खंड के चीफ इंजीनियर, एसई,जेई अपने टीम के साथ बचाव के लिए प्रयास कर रहे हैं। कुछ दूरी पर एक बंधे से अधिक रिसाव हो रहा था, वहां पर काबू पा लिया गया है। बाढ़ का पानी जिन गांवों में पहुंच सकता है। उन गांवों के लोगों को खाली कराने का निर्देश दे दिया गया है। कम्यूनिटी किचेन, गांवों में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर निकालने के लिए एसडीआएफ,एनडीआरएफ की टीम लगी है। कंट्रोल रूम 24 घंटे एक्टिव है। छोटी-बड़ी आने वाली सभी सूचनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है: संजय चौहान, डीएम, कुशीनगर