फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: अज्ञात नंबर से आया फोन तो पहुंची आशा, लटका मिला एएनएम का शव

Tue, 02 May 2023 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
मृतक एएनएम दीपशिखा की फाइल फोटो।संवाद
विज्ञापन
मुरादाबाद संस्करण से संबंधित
विज्ञापन

अज्ञात व्यक्ति ने बताया, एएनएम की तबीयत खराब है, उसकी जान खतरे में है सेवरही थाना क्षेत्र के दुमही एएनएम उपकेंद्र पर कार्यरत थी एएनएम
मुरादाबाद जिले के कुंदेकरी थाना क्षेत्र के सरारी पंजू गांव की निवासी थी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले के सेवरही थाना क्षेत्र के दुमही गांव में स्थित मातृ और शिशु कल्याण केंद्र पर कार्यरत एक एएनएम का शव रविवार की देर रात उसके आवास में पंखे से लटका मिला। किसी अज्ञात व्यक्ति के फोन करने पर आशा कई लोगों के साथ देर रात एएनएम के आवास पर पहुंचीं तो अंदर से ताला बंद था। शव पंखे से लटका देखकर आशा ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को फोन किया। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एएनएम मुरादाबाद जिले की निवासी हैं। प्रथमदृष्टया आत्महत्या की बात सामने आ रही है।
मुरादाबाद जिले के कुंदेकरी थाना क्षेत्र के सरारी पंजू गांव के निवासी प्रकाश राव गौतम की 28 वर्षीय पत्नी दीपशिखा की वर्ष 2019 में संविदा के पद पर नियुक्ति हुई थीं। उनकी तैनाती सेवरही थाना क्षेत्र के दुमही स्थित मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र (एएनएम सेंटर) पर थी।
विज्ञापन

रविवार की रात 10:50 पर दुमही गांव की आशा के मोबाइल नंबर पर किसी अनजान व्यक्ति ने फोन किया। उसने फोन पर बताया कि सेंटर पर जाइए। एएनएम की तबीयत खराब है। उसकी जान खतरे में है। इस पर आशा के साथ करीब 20 लोग सेंटर पर पहुंच गए। वहां एएनएम का शव दुपट्टे के सहारे पंखे से लटका हुआ था। आशा की सूचना पर दुदही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद कुमार स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे।
सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष संजय कुमार भी मौके पर पहुंचे। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची तो दीपशिखा का शव पंखे से लटका मिला। शव को नीचे उतारा गया। पुलिस ने रात में ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के घरवालों को सूचना दे दी गई है।

कॉल डिटेल से खुलेगा आत्महत्या का राज
पुलिस प्रथमदृष्टया घटना को आत्महत्या मान रही है। घटनास्थल से पुलिस को दो मोबाइल फोन व चार सिमकार्ड मिले हैं। मृतका के मोबाइल से अंतिम बार हुई बातचीत की काल डिटेल आत्महत्या के रहस्य को सुलझाने में मददगार साबित हो सकती है। इसके अलावा पुलिस अन्य सभी सिमकार्डों से हुई बातचीत के ब्योरा के आधार पर मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा विभिन्न सोशल प्लेटफॉर्म पर चैट भी आत्महत्या का कारण जानने में सहायक साबित होंगे।

अकेले रहती थी सेंटर पर, पति बोला, जेवर गिरवी रखकर पढ़ाया था
मृतका के पति प्रकाश राव ने बताया कि उसके दो बच्चे हैं। विशाखा आठ और दीपांकर छह वर्ष का है। बच्चे छोटे हैं। इसीलिए पत्नी को काम करने में दिक्कत न हो, इसके लिए साथ लेकर मुरादाबाद में रहता हूं। पत्नी अकेले सेंटर पर रहकर काम करती थी। उसकी पढ़ाई के लिए जेवर गिरवी रख दिया था।
कोट
एएनएम का शव पंखे से लटका मिला था। अंदर से ताला लगा हुआ था। आत्महत्या की क्या वजह रही, इसकी जांच चल रही है। मृतका का पति सोमवार की देर रात को पहुंचा है। मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। शव को फ्रिजर में रखा गया है।
-धवल जायसवाल, पुलिस अधीक्षक



दस वर्ष पूर्व हुई थी एएनएम की शादी
मृतका दीपशिखा के पति प्रकाश राव ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2013 में हुई थी। वह सेंटर पर अपनी पत्नी के पास से तीन मार्च को मुरादाबाद चला गया। उसने आखिरी बार फोन पर रविवार की दोपहर में बात की थी। उसने बताया कि उसने अपनी पत्नी को मोबाइल फोन किस्त पर दिलाया था। उसी की किस्त जमा करने को लेकर फोन किया था। सोमवार को मृतका के पिता ने सूचना दी तो जानकारी हुई।

कर्ज लेकर गाड़ी बुक की
मृतका के पति प्रकाश राव ने बताया कि वह मारुति कंपनी में टेक्नीशियन का काम करता है। किसी तरह घर का खर्च निकल पाता है। पत्नी की मृत्यु की सूचना मिलने पर कर्ज लेकर चार पहिया वाहन बुक किया और घटनास्थल पर आया।

21 अप्रैल को प्रमोशन ज्वाइनिंग लेटर मिलना था
प्रकाश राव ने बताया कि उसकी पत्नी का नाम एएनएम की प्रमोशन लिस्ट में आया था। संविदा से नियमित हो गई थी। मुरादाबाद जिला अस्पताल में उसकी ज्वाइनिंग 21 अप्रैल को होनी थी, लेकिन न्यायालय के आदेश पर स्थगित हो गई थी। उसने बताया कि वह जब आखिरी बार आया था तो पत्नी से कहा था कि यहां से सामान पैक करके मुरादाबाद चलो। तुम्हारी तैनाती वहीं रहेगी।

पांच दिनों से डिप्रेशन में थी
एएनएम के साथ काम करने वाले लोगों ने बताया कि वह पांच दिनों से तनाव में थी, लेकिन किसी से कुछ बता नहीं रही थी। बीते शनिवार को मीटिंग के दौरान भी वह शांत बैठी थी। फोन पर किसी से किनारे होकर बात करती थी।

प्रेम प्रसंग की बात आई सामने
सूत्रों के अनुसार, एएनएम दो वर्षों से अकेले रहती थी। यह जानकारी उसके पति को भी थी। मार्च में जब उसके पति आए थे तो फोन पर किसी से बात करते हुए देख लिए थे। उस बात पर विवाद हुआ। पति ने उसी समय कहा था कि सामान पैक करो और मुरादाबाद चलो, लेकिन वह नहीं गई।
विज्ञापन


सीएमओ का वर्जन
एएनएम ने गृहकलह की वजह से आत्महत्या की है। वह बाहर की रहने वाली है। उसके पति और बच्चे वहीं रहते हैं। एएनएम यहां अकेली रहती थी। परिवार के लोग आ जाएं तो उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
-डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमओ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें