600 व 400 मीटर की दौड़ में दुदही के अंकित ने जीता गोल्ड
पडरौना। जिला स्टेडियम में शुक्रवार को दो दिवसीय 28वीं बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता एवं शैक्षिक समारोह संसाधनों के अभाव के बीच शुरू हुआ। सांसद, बीएसए समेत अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी में शुरू हुई इस प्रतियोगिता में 600 व 400 मीटर की दौड़ में दुदही के अंकित ने गोल्ड मेडल जीता।
जिला स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ सांसद विजय कुमार दुबे, सीडीओ गुंजन द्विवेदी, एसपी धवल जायसवाल व बीएसए डॉ. रामजियावन मौर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर खिलाड़ियों के परेड की सलामी ली। इसके बाद सांसद ने खिलाड़ियों को खेल भावना की शपथ दिलाते हुए बीते वर्ष के चैंपियन विशुनपुरा की छात्रा वंदना को मशाल सौंपा। इसके बाद शुरू हुई प्रतियोगिता में जूनियर स्तर बालक वर्ग की 600 मीटर दौड़ में दुदही के अंकित प्रथम, नासिर द्वितीय, अमित तीसरे स्थान पर रहे। जूनियर स्तर बालिका वर्ग 600 मीटर में रामकोला की निशा साहनी प्रथम, प्रेमशीला द्वितीय और मधु मौर्य तृतीय रही। 200 मीटर बालिका वर्ग में गीता प्रथम, वंदना द्वितीय, 400 मीटर में बालक वर्ग मे अंकित प्रथम, 200 मीटर में प्रियांशु प्रथम रहे। पीटी विशेष प्रदर्शन में हाटा की टीम प्रथम, तमकुही द्वितीय, योगाभ्यास बालक वर्ग मे हाटा प्रथम व पडरौना द्वितीय, बालिका पडरौना प्रथम, कसया की टीम द्वितीय स्थान पर रहीं। इसके अलावा दौड़, प्राथमिक खोखो, कबड्डी, फुटबाल, बालीवाल आदि प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। खेल प्रतियोगिता का संचालन रवींद्र नारायण, दुर्गेश सिंह व विनय कुशवाहा ने किया।
इस दौरान खेल सचिव सुरेंद्र बहादुर सिंह, आयोजन सचिव हिमांशु सिंह, बीईओ देवमुनि वर्मा, जिला व्यायाम शिक्षक अनिल कुमार मिश्र, रेनूबाला सिंह, अमित श्रीवास्तव, नवनीत तिवारी आदि मौजूद रहे।
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खेल मैदान पर नहीं थी एंबुलेंस, नंगे पांव दौड़े धावक
पडरौना। जिला स्टेडियम में शुक्रवार को दो दिवसीय 28वीं बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता एवं शैक्षिक समारोह संसाधनों के अभाव के बीच शुरू हुआ। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के इलाज के लिए एंबुलेंस की बात कौन कहे, प्राथमिक उपचार तक की व्यवस्था नहीं दिखी। दौड़ प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागी नंगे पांच दौड़ में शामिल हुए। इसके बाद भी जिले के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए कई पदक बटोरे।
इस संबंध में बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्या ने कहा कि खेल आयोजन के समय विभाग की तरफ से प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई थी। पास में ही जिला अस्पताल है। ऐसे में अनहोनी की स्थिति में तत्काल स्वास्थ्य मुहैया कराई जा सकती है। इसके अलावा ऐसा कोई खेल भी नहीं था, जिससे कोई स्वास्थ्य संबंधि दिक्कत हो। इसके बावजूद पूरी व्यवस्था पर मैं स्वयं नजर रख रहा था।