उजारनाथ। पशु पालन से ग्रामीणों की आय दो गुना हो सकती है। दुग्ध क्रांति का संवाहक गांव बन सकता है। वहीं खेती के लिए जैविक खाद की उपलब्धता से ग्रामीणों के खेतों में उपज बढ़ जायेगी। उक्त बातें क्षेत्र के नौगांव में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेला में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष पटहेरवा अमलेश तिवारी ने कहीं।
उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार किसानों व पशुपालकों के परंपरागत आय के स्रोत बढ़ाने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रहीं है। उसमें दुधारू पशुओं की बीमा, पशु ऋण आदि प्रमुख है।
इस अवसर पर उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ज्ञानेंद्र किशोर ने बताया कि पशुपालन लाभकारी तब ही साबित होगा,ज ब आपके पशु स्वस्थ्य रहेंगे।
इसके लिए सरकार की ओर से संचालित योजनाओं को लाभ उठाते हुए पशुओं के स्वास्थ्य की बराबर निगरानी करते रहें। पशु सचल दस्ता के प्रभारी डॉ. अनूप राव ने पशु पालकों को विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर पशु पालकों को दवाइयां का भी वितरण किया गया। इस दौरान पूर्व मंडल अध्यक्ष कन्हैया शर्मा, हरिशंकर प्रसाद, रामसागर कुशवाहा आदि मौजूद थे।