तमकुहीराज में अर्धनग्न होकर धरना देते लोग। स्रोत - सोशल मीडिया
तमकुहीराज। सीएचसी के डॉक्टरों की बर्खास्तगी और मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर सोमवार से जारी धरना बुधवार को भी जारी रहा। धरने पर बैठे लोगों ने बुधवार को अर्धनग्न प्रदर्शन कर कारवाई की मांग की। नगर पंचायत तमकुहीराज के वार्ड नंबर सात सरदार पटेल नगर निवासी सुप्रिया की 22 मई को सामान्य प्रसव के बाद मौत हो गई। परिजनों ने घटना के तीन दिन बाद सीएचसी की डॉ. सलोनी जायसवाल, स्टॉप नर्स ममता चौहान व अधीक्षक डॉ. अमित राय के उपर लापरवाही पूर्वक इलाज का आरोप लगा तहरीर तमकुहीराज पुलिस को सौंपकर कार्रवाई की मांग की। इंस्पेक्टर तमकुहीराज ने सीएमओ कुशीनगर को पत्र से मामले की जांच करा आख्या से अवगत कराने की मांग की। सीएमओ ने चार सदस्यों की टीम बना मामले की जांच कराई तो प्रारंभिक तौर पर डॉ. सलोनी जायसवाल व स्टॉप नर्स ममता चौहान की चूक सामने आई। इसके बाद सीएमओ ने इन दोनों स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ शासन को पत्र भेजा है। जबकि अधीनस्थ कर्मियों को नियंत्रित नहीं करने के कारण अधीक्षक को हटाया दिया गया। बावजूद इसके बर्खास्तगी व मुकदमा दर्ज करने की मांग लेकर पीड़ित परिवार के साथ कांग्रेस नेता अमित सिंह तमकुहीराज कस्बे के मुख्य मार्ग स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा के समीप धरने पर बैठे हैं।
पीड़ित असंतुष्ट, सीएमओ को भेजा ट्राॅफी, स्याही और कागज
तमकुहीराज। जांच टीम की रिपोर्ट सामने आने के बाद बुधवार को आंदोलनकारियों व पीड़ित परिवार ने प्रेस रिलीज जारी कर असंतुष्टि जाहिर किया और सीएमओ को ट्राफी, स्याही और कागज भेजा। आरोप लगाया कि सीएमओ ने अघोषित रूप से दोषी सीएचसी अधीक्षक को क्लीन चिट से दी है। यह पीड़ित परिजनों के भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। जबकि तत्कालीन सीएचसी अधीक्षक ने मृतका को जबरन जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सीएमओ कुशीनगर यह नहीं कर पायेंगे, इसलिए पीड़ित परिवार और आंदोलनकारियों की ओर से एक ट्रॉफी, स्याही व कागज सीएमओ दफ्तर भेजा गया।