गंगुआ बाजार (कुशीनगर)। जमीन की पैमाइश के लिए दस साल से तहसील का चक्कर लगा रहे तमकुही राज क्षेत्र के बलुआ तकिया गांव निवासी 65 वर्षीय हरेन्द्र राय शनिवार सुबह करीब पांच बजे एक टेलीकॉम टॉवर पर चढ़ गए और कूद कर आत्महत्या की धमकी देने लगे। बताया जा रहा हैै कि शुक्रवार को अपनी समस्या लेकर पहुंचे हरेंद्र को तमकुही राज एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने डांट कर भगा दिया था। इससे आहत होकर उन्होंने यह कदम उठाया। बुजुर्ग के टावर पर चढ़ने की सूचना पर सुबह करीब नौ बजे तहसीलदार तमकुही राज सुनील कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और मौके पर ही राजस्व टीम गठित कर भूमि की पैमाइश कराई और सोमवार तक मामले के निस्तारण का भरोसा दिया तब करीब पांच घंटे बाद सुबह 10 बजे बुजुर्ग टावर से उतरे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
बलुआ तकिया गांव निवासी हरेन्द्र राय का अपने भाई से करीब 10 वर्षों से जमीन का विवाद चल रहा है। हरेंद्र का आरोप है कि पिता की पैतृक संपत्ति का बिना बंटवारा किए भाई ने अपने मकान का निर्माण करा लिया है। अब वह अपना मकान बनाने की तैयारी में हैं तो भाई बनने नहीं दे रहा है। इसकी शिकायत उन्होंने थाना, तहसीलदार, एसडीएम कार्यालय और सीएम तक से की है। इसके बावजूद जिम्मेदारों ने निस्तारण नहीं किया। आरोप है कि शुक्रवार को वह तमकुही राज एसडीएम आकांक्षा मिश्रा के पास शिकायत लेकर पहुंचे तो एसडीएम ने पूरी बात सुनने की बजाय उन्हें डांटकर कार्यालय से भगा दिया। यह बात उन्हें नागवार लगी और शनिवार सुबह करीब पांच बजे परिवार वालों से बिना बताए घर से कुछ दूरी पर स्थित एक मोबाइल के टावर पर चढ़ गए।
सुबह करीब छह बजे गांव वालों ने टावर पर उनको देखा और शोर मचाया तो भीड़ जुट गई। कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हो गया। आठ बजे आनन फानन में नायब तहसीलदार कुंदन वर्मा मौके पर पहुंचे। टावर पर चढ़े बुजुर्ग को नीचे उतरने की अपील की। नायब तहसीलदार के करीब एक घंटे तक मान-मनव्वल के बाद भी हरेंद्र नीचे नहीं उतरे। एसडीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। करीब नौ बजे तहसीलदार तमकुही राज सुनील कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और हरेन्द्र से नीचे उतरने की अपील की लेकिन उन्होंने समस्या का समाधान होने तक नीचे नहीं उतरने की बात कही।
इसके बाद तहसीलदार ने मौके पर ही राजस्व टीम बनाकर विवादित भूमि की पैमाइश शुरू करा दी। करीब एक घंटे की पैमाइश के बाद राजस्व टीम ने तहसीलदार को रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद तहसीलदार ने हरेन्द्र राय के परिजनों से सोमवार तक विवाद का निपटारा करने का समय मांगा। तहसीलदार परिजनों संग टाॅवर के पास पहुंचे और बुजुर्ग को नीचे उतरने को कहा। आश्वासन के बाद उनकी दोनों बेटियां भी पिता से नीचे उतरने की अपील करने लगीं। इसके बाद वह नीचे उतरे। करीब पांच घंटे तक गांव में यह मामला चलता रहा। पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि अगर सोमवार को कोई हल नहीं निकला तो तहसील में पूरा परिवार धरने पर बैठ जाएगा।
तहसीलदार, तमकुहीराज सुनील कुमार सिंह ने कहा कि यह मामला मेरे कोर्ट में विचाराधीन है। मौके पर जमीन की पैमाइश करा ली गई है। बाकी जमीन से जुड़े कागजातों के साथ सोमवार को अपने कार्यालय पर हरेंद्र को बुलाया हूं। जल्द ही इनके मामले का निस्तारण कर दिया जाएगा। कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण देरी हुई है।
साहब ! बेटियों की शादी के लिए घर बनवाना है जरूरी
टावर से नीचे उतरे हरेन्द्र राय अधिकारियों के समक्ष भावुक हो गए। हाथ जोड़कर बोले कि हमारी पीड़ा कोई सुनने वाला नहीं है। दस साल से परेशान हूं। साहब मेरी बेटियां बड़ी हो गईं हैं। घर का निर्माण नहीं होने के कारण शादी में देरी हो रही है। अधिकारियों व कोर्ट का चक्कर लगाकर थक गया था। मजूबरन टावर पर चढ़ना पड़ा। मामले का निपटारा करवा दीजिए। उनकी यह भावुक अपील सुनकर तहसीलदार ने जल्द ही मामले के निस्तारण का भरोसा दिया।
राजस्वकर्मी पर मामले को उलझाने का आरोप
टावर पर चढ़ने की सूचना पर सुबह बलुआ तकिया गांव पहुंचे तहसील प्रशासन के समक्ष पीड़ित हरेन्द्र राय के परिवार ने तमकुहीराज तहसील में तैनात एक राजस्वकर्मी पर मामले को उलझाने का आरोप लगाया। हरेंद्र की बेटी अधिकारियों के सामने चिल्लाकर कह रही थी कि विपक्षी के प्रभाव में आकर राजस्वकर्मी ने ही इस मामले को पेचीदा बनाया है। इसके चलते देरी हो रही है। पीड़ित की बेटियों ने बताया कि किसी अधिकारी के पास जाने के बाद जब भी तहसीलदार की ओर से रिपोर्ट मांगी जाती थी तो राजस्वकर्मी गलत रिपोर्ट लगाकर भेजते रहे। इससे यह मामला और उलझता गया। पीड़ित परिवार के आरोप पर मौके पर मौजूद तहसीलदार सुनील कुमार सिंह ने राजस्वकर्मी राणा प्रताप को फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
दरोगा पर पानी की बोतल को पैर से मारने का आरोप
भोर से टावर पर चढ़े हरेंद्र को करीब 10 बजे जब प्यास लगी तो अपने घर फोन करके अपनी बेटी से पानी मांगा। टावर के समीप पानी लेकर जा रही हरेन्द्र की पुत्री को पुलिस ने रोक दिया। बाद में नीचे उतर रहे हरेन्द्र ने मौके पर मौजूद पटहेरवा थाने के एक दरोगा पर पानी का बोतल लात से मारकर गिरा देने का आरोप लगाकर टावर पर ही शोर मचाना शुरू कर दिया। दरोगा के इस कृत्य पर पीड़ित की बेटियां भी भड़क गईं। हालांकि मौके पर मौजूद तहसीलदार ने मामले को संभालते हुए दरोगा की गलती मानी।
एसडीएम तमकुहीराज आकांक्षा मिश्रा ने कहा कि तहसीलदार कोर्ट में मामला लंबित है। कई बार उनको समझाया गया कि मामला कोर्ट में है। इसमें अलग से कोई बंटवारा नहीं कराया जा सकता लेकिन वह बार-बार बंटवारा कराने की मांग कर रहे थे। उनको डांटा नहीं गया। नियमानुसार जो हो सकता है वही कहा गया तो नाराज होकर चले गए।