मामा को देखकर मर्चेंट नेवी में कॅरिअर बनाने की ठानी थी
परिजन बोले नौ महीने पहले पहली बार जहाज पर गए थे अमित
हाटा। ओमान के सोहर पोर्ट पर दुबई के टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद से लापता हाटा के अमित कुमार सिंह के परिजन की आंखें उनकी राह देख रही हैं। परिजन व शुभचिंतक अमित के सलामती की दुआएं कर रहे हैं। परिजन के मुताबिक अमित करीब एक सप्ताह बाद घर लौटने वाले थे। ड्रोन हमले में अमित के लापता होने की खबर से परिजन की चिंता बढ़ गई है।
नगर पालिका परिषद हाटा के गोपालपुर वार्ड निवासी अमित कुमार सिंह उर्फ मुकुल (21) ने मर्चेंट नेवी में अपना भविष्य बनाने का सपना देखा था। उनके मामा रविंद्र सिंह 20 वर्षों से मर्चेंट नेवी में नौकरी कर रहे हैं। मामा को इस क्षेत्र में काम करते देखकर अमित ने भी इसी पेशे में कॅरिअर बनाने की ठानी। मेहनत और लगन के साथ उन्होंने इस दिशा में कदम बढ़ाया और करीब नौ महीने पहले पहली बार नौकरी के लिए जहाज पर गए थे।
अमित दुबई की एक कंपनी में क्रू मेंबर के रूप में कार्यरत थे। वह जहाज पर नेविगेशन और मेंटेनेंस विभाग से जुड़े काम संभालते थे। यह उनकी पहली समुद्री नौकरी का अनुभव था और उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार भी बेसब्री से किया जा रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर लौटने से पहले ही परिवार को ऐसी खबर सुननी पड़ेगी। ड्रोन हमले के बाद अमित के लापता होने की जानकारी मिलने से उनके दादा रामरेखा सिंह, पिता देव प्रकाश सिंह, मां पूनम देवी और बहन मनीषा की चिंता बढ़ गई है। परिवार का हर सदस्य उनकी सलामती की खबर मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।
फोन पर कोई सूचना मिलने की आस में परिजन के लिए एक-एक पल भारी पड़ रहा है। घर में सभी को बस यही इंतजार है कि अमित सुरक्षित हों और जल्द ही उनके लौटने की खबर मिले। अमित के लापता होने की सूचना के बाद से परिवार ने उनकी सकुशल वापसी के लिए गुहार लगाई है। परिजन को उम्मीद है कि संबंधित एजेंसियों और प्रशासन के प्रयासों से अमित के बारे में जल्द जानकारी मिलेगी। फिलहाल परिवार की निगाहें हर आने वाली सूचना पर टिकी हैं।
घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था अमित
ड्रोन हमले के बाद लापता हुए अमित सिंह के पिता वेद प्रकाश सिंह खेती किसानी करते हैं। अमित घर का अकेला कमाऊ सदस्य था। छोटी बहन मनीष अभी इंटर की पढ़ाई कर रही है। दादा रामरेखा सिंह काफी बुजुर्ग है। मनीष के पिता के बड़े भाई राजेन्द्र सिंह शिक्षक नेता है। अमित के लापता होने के बाद परिजन की चिंता बढ़ गई है।