कुशीनगर। मेडिकल कॉलेज का शुक्रवार को सुबह प्राचार्य निरीक्षण कर रहे थे,इस दौरान कैंपस में एक निजी अस्पताल की एंबुलेंस दिखी, गार्डों की मदद से उसे रोका गया, जांच में पता चला कि एसएनसीयू वार्ड से जिस बच्चे को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया है।
उसको एंबुलेंस चालक पडरौना के एक निजी अस्पताल में लेकर जा रहा था। इस मामले में प्राचार्य ने पुलिस को बुलाया। पुलिस एंबुलेंस को कब्जे में लेने के बाद चालक को हिरासत में ले लिया है। इससे मेडिकल कॉलेज में सक्रिय दलालों में हड़कंप मच गया। पुलिस कार्रवाई के लिए देर शाम तक तहरीर का इंतजार कर रही थी। पडरौना शहर के नाब्या का प्रसव शहर के बेलवा चुंगी के समीप एक निजी अस्पताल में हुआ। झटका आने पर बच्चे को मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में परिजनों ने भर्ती कराया था। इलाज के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो रहा था। शुक्रवार को दोपहर में डॉक्टरों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
एक दलाल निजी एंबुलेंस लेकर मेडिकल कॉलेज कैंपस में पहुंच गया और परिजनों को गुमराह कर बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी अस्पताल में लेकर जाने लगा। इस दौरान मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर रहे प्राचार्य डाॅ. आरके शाही की नजर पड़ी तो एंबुलेंस को गार्डों की मदद से रोकवा लिया। जांच में पता चला कि जिस मरीज को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
उसे निजी अस्पताल में लेकर एंबुलेंस चालक जा रहा था। पुलिस ने एंबुलेंस चालक को हिरासत लिया गया है। एंबुलेंस चालक के बचाव में कई निजी अस्पताल संचालक लगे रहे।
रविंद्र नगर थानाध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि प्राचार्य की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। मेडिकल कॉलेज कैंपस में मिली एंबुलेंस को सीज कर दिया गया है। चालक हसनैन पर शांतिभंग की कार्रवाई की जाएगी।