संयुक्त जिला चिकित्सालय से मरीजों का बोझ कम करेगा ‘एमएमसीएच’
पडरौना। संयुक्त जिला चिकित्सालय मरीजों की बढ़ती संख्या से खुद बीमार हो रहा है। सोमवार को निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने मरीजों की भीड़ और असुविधा को देखकर सुधार की पहल की है। उन्होंने ओपीडी, वार्ड, लेबर रूम, एनआरसी, एसएनसीयू सहित कक्षों का निरीक्षण कर अधिकारियों के साथ बंद कमरे में बैठक की। इसके बाद व्यवस्था सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से फोन पर बात की। साथ ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ कम करने के लिए नवनिर्मित 100 बेड के एमएमसीएच को चालू कराने के प्रयास तेज करने के निर्देश दिए।
100 बेड के जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या इन दिनों 200 के पार हो गई है। सोमवार को भी जिला अस्पताल के दोनों जनरल वार्डों में जहां 200 मरीज भर्ती थे। वहीं, ओपीडी में भी करीब ढाई हजार मरीजों का इलाज किया गया। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल किस तरह मरीजों के बोझ तले कराह रहा है।
डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह सोमवार को दोपहर में प्रभारी सीएमओ डॉ. सुदर्शन सोनकर और एसडीएम सदर रामकेश यादव के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने सीएमएस डॉ. बजरंगी पांडेय के कक्ष में बैठकर वार्ता की।
मरीजों को एमएमसीएच में शिफ्ट करने की होगी कवायद
जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ को देखते हुए नवनिर्मित 100 बेड के एमएमसीएच (मॉडर्न मैटर्निटी एंड चाइल्ड हेल्थ) विंग में भी मरीजों को शिफ्ट करने की बात डीएम ने कहीं।
सुधार के उठाए गए कदमों जाना हाल
इस दरम्यान डीएम ने एमएमसीएच के लिए मिले 125 केवीए के जेनरेटर में डीजल की व्यवस्था, 24 घंटे बिजली आपूर्ति, गायनोकोलॉजिस्ट के अलावा चाइल्ड स्पेेशलिस्ट, ईएमओ, रेडियोलॉजिस्ट सहित अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों के सृजित 18 पदों के सापेक्ष तैनाती के लिए डीएम ने पूर्व में सीएमएस के स्तर से किए गए प्रयासों के अभिलेखों की जांच की।
रिपोर्ट तैयार करने का दिया निर्देश
डीएम अनिल कुमार ने एनएचएम के डायरेक्टर समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य उच्चाधिकारियों से अस्पताल के सुधार को लेकर बात की। सीएमएस डॉ. बजरंगी पांडेय ने जिला अस्पताल परिसर को मच्छरों से मुक्त रखने के लिए अतिशीघ्र फांगिंग कराए जाने की मांग की। करीब एक घंटा तक जिला अस्पताल की व्यवस्था देखने और जानकारी लेने के बाद इसके लिए पत्र बनाकर उपलब्ध कराने का सीएमएस को निर्देश देकर डीएम अपने कार्यालय लौट गए। डीएम के पहुंचने पर जिला अस्पताल की व्यवस्था चाक-चौबंद रही।