गलत इलाज से मरीज की मौत का आरोप, अस्पताल सील
तमकुहीराज। तमकुहीराज नगर पंचायत स्थित भटवलिया में संचालित एक निजी अस्पताल से रेफर किए गए मरीज की रास्ते में मौत हो गई। इसके बाद परिजन पुन: अस्पताल के गेट पर पहुंचे और शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि अस्पताल में गलत दवा देने से मरीज की मौत हुई है। जानकारी होने पर एसडीएम की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर अस्पताल सील कर दिया।
जानकारी के मुताबिक सीमावर्ती बिहार प्रांत के विसंभरपुर थाना क्षेत्र स्थित मटिहिनिया निवासी नारायन राम (55) को बुधवार की शाम श्वांस संबंधी परेशानी होने पर उनकी बहू बेदांती देवी इलाज कराने के लिए तमकुहीराज स्थित ओम हॉस्पिटल में लेकर पहुंचीं थीं। बेदांती देवी का आरोप है कि अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने दवा देकर उन्हें घर भेज दिया। रात में दवा खाने के बाद नारायन राम की हालत बिगड़ने लगी। बृहस्पतिवार की सुबह वह अपने ससुर को लेकर अस्पताल पहुंचीं। यहां कुछ दवाएं देने के बाद कसया के लिए रेफर कर दिया गया। रास्ते में नारायन राम की मौत हो गई।
इसके बाद परिजन पुन: शव लेकर अस्पताल के गेट पर पहुंचे और शव रखकर हंगामा करने लगे। वे अस्पताल प्रबंधन पर गलत दवाएं देने का आरोप लगा रहे थे। इसके बाद वहां भीड़ जुट गई, जिसकी वजह से तमकुहीराज-सेवरही मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने रास्ता खाली कराया और शव को कब्जे में ले लिया।
लोगों का आरोप था कि अस्पताल के बोर्ड पर किसी डॉक्टर या संचालक का नाम नहीं है। बोर्ड पर दो मोबाइल नंबर अंकित हैं। उन नंबरों पर फोन करने पर किसी विकास सिंह नाम के व्यक्ति ने फोन उठाया। उसने बताया कि इस अस्पताल को दो माह पूर्व तक वह संचालित करता था। अब उसे अमित नाम का एक व्यक्ति संचालित कर रहा है, लेकिन उस व्यक्ति के नंबर पर संपर्क नहीं हो पा रहा था।
इसकी जानकारी होने पर तमकुहीराज सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अमित कुमार राय ने एसडीएम व्यास नारायण उमराव की उपस्थिति में अस्पताल को सील करा दिया। तमकुहीराज के एसओ अश्वनी कुमार राय का कहना था कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर मौत का कारण पता चलेगा।
गलत दवा देने से मरीज की मौत के आरोप में अस्पताल की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमओ