तमकुहीराज। सेवरही ब्लॉक के हफुआ चतुर्भुज गांव निवासी कमलेश जायसवाल ने ग्राम प्रधान पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। सोमवार को एसडीएम को शिकायती पत्र सौंपकर नौ बिंदुओं पर जांच कराने और जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम ने बीडीओ को जांच कर रिपोर्ट मांगी है।
गांव के कमलेश जायसवाल ने नौ बिंदुओं पर जांच की मांग की है। कमलेश जायसवाल ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि गांव में विकास कार्य के लिए आए सरकारी धन में ग्राम प्रधान और उनके चहेते लोगों ने जमकर घोटाला किया है।उन्होंने आरोप लगाया है कि गांव में ग्राम प्रधान के नए कार्यकाल में अबतक खुली बैठक आयोजित नहीं हुई है। इसकी खानापूर्ति के लिए गांव के कुछ चुनिंदा लोगों का फोटो खींच कर कार्रवाई रजिस्टर में खुली बैठक को अंकित कर दिया गया है। ग्रामसभा के विभिन्न वार्ड में निर्वाचित सदस्यों का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर उसका दुरुपयोग किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान ने करीब सात लाख के लागत सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जो केवल शो पीस बन कर रह गया है। यहां तक पहुंचने का रास्ता नहीं होने की वजह से इसका उपयोग नहीं हो पाता है। सरकार की चलाई जा रही महत्वपूर्ण लाभकारी योजनाओं के बारे में कोई भी जानकारी देने से जिम्मेदार परहेज करते है। गांव के वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन आदि के आवेदकों को भटकना पड़ता है। आरोप है कि गांव में मनरेगा, खड़ंजा और अन्य विकास के काम किए गए हैं जो मानक के विपरीत हैं और दोयम दर्जे की सामग्री का उपयोग किया गया है। गांव में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कराए गए विकास कार्य और उनकी कुल लागत के बारे में किसी भी तरह का कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे लोगों को गांव में चल रही योजनाओं के बारे में जानकारी मिल सके। एमडीएम व प्राथमिक विद्यालय प्रबंध समिति में आने वाले धन में भी गबन का आरोप लगाया गया है। गांव की पाठशाला में दिव्यांग छात्रों के लिए एक लाख रुपये की लागत से बनने वाले शौचालय को भी नया बनवाने के बजाए पुराने शौचालय का ही मरम्मत करा दिया गया है और सरकारी धन का गबन करने का आरोप लगाया है।
एसडीएम विकास चंद ने बताया गांव के ही एक व्यक्ति ने शिकायतपत्र देकर गांव के प्रधान के खिलाफ जांच की मांग की है। शिकायती पत्र में नौ बिंदुओं पर जांच के लिए कहा गया है। बीडीओ सेवरही को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।