सेवरही मे आंवले के वृक्ष की पूजा करती महिलाएं ।संवाद
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तमकुहीरोड। सेवरही सहित आसपास के गांवों में बृहस्पतिवार को अक्षय नवमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने आंवले के वृक्ष की परिक्रमा कर उनकी पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि आंवले के वृक्ष की पूजा करने और उसके वृक्ष के नीचे भोजन पकाकर खाने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और परम सौभाग्य मिलता है। आंवले के वृक्ष की पूजा पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। सेवरही क्षेत्र में बृहस्पतिवार को अक्षय नवमी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं आंवले के वृक्ष की परिक्रमा कर पूजा अर्चना की। कहा जाता है कि इसी दिन द्वापर युग का प्रारंभ हुआ था और भगवान विष्णु ने कुष्मांडक नामक राक्षस का वध किया था। इसी तरह सुमही संतपट्टी, राजपुर खाश, टिकुलिया, अजय नगर, गौरीनगर, बैजु पट्टी, बभनौली, पिपराघाट, जंगली पट्टी सहित अन्य कई गांवों में भी लोगों ने आंवले के वृक्ष की 108 बार परिक्रमा कर उसमें कच्चा सुत बांध कर पूजा की। संवाद