रामकोला थाना क्षेत्र के विहुली निस्फी निवासी संदीप के मोबाइल पर भेजा गया उसके मौसा रत्नेश भारती
- फोटो : Samvad
रामकोला (कुशीनगर)। साइबर अपराधी ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। पुलिस अधिकारी बनकर डराने के साथ-साथ अब एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार की गई तस्वीरों का इस्तेमाल कर लोगों को झांसा दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला रामकोला थाना क्षेत्र के बिहुली निस्फी गांव में सामने आया है, जहां एक युवक से उसके विदेश में रहने वाले मौसा की गिरफ्तारी दिखा 45 हजार रुपये ठग लिए गए। पीड़ित ने शुक्रवार को साइबर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
बिहुली निस्फी गांव निवासी संदीप द्वारा साइबर थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, बृहस्पतिवार को उसे मोबाइल फोन पर मैसेंजर के जरिए कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और उसके मौसा रत्नेश भारती (निवासी बसहिया) के विदेश में गिरफ्तार होने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने एक फोटो भेजा, जिसमें उसके मौसा के हाथों में हथकड़ी लगी दिखाई दे रही थी। फोटो देखकर संदीप घबरा गया। ठगों ने मौसा को छुड़ाने के नाम पर 85 हजार रुपये की मांग की और कुछ बैंक खाते नंबर भेजे।
डर के कारण संदीप ने अलग-अलग खातों में तीन बार में 15-15 हजार रुपये, कुल 45 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी लगातार 40 हजार रुपये और भेजने का दबाव बनाते रहे, लेकिन खाते में पर्याप्त रकम न होने के कारण वह और पैसा नहीं भेज सका।
रात में संदीप ने मौसा से संपर्क किया तो उन्होंने ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया और ठगी किए जाने की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी। इसके बाद शुक्रवार को उसने साइबर पुलिस से शिकायत की। पुलिस संदीप को भेजी गई तस्वीर एआई द्वारा निर्मित होने का संदेह जताते हुए मामले की जांच कर रही है।
सावधान रहें
-अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें
-किसी भी दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें
-संदिग्ध स्थिति में तुरंत संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क करें
-साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या थाने में शिकायत दर्ज कराएं