तमकुहीराज। निजी अस्पताल में नवजात की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद नवजात के शव को पुलिस ने परिजनों को सुपुर्द कर दिया। नवजात की मौत के बाद पीड़ित परिवार के लोगों ने अस्पताल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। थाने में मामला पहुंचने के बाद देर रात मैनेज हो गया।
पुलिस का दावा है कि केस दर्ज कराने से पीड़ित परिवार के लोग मना कर दिए और तहरीर वापस ले लिए।तमकुहीराज थाना क्षेत्र के डूभा निवासीर ग्यासुद्दीन सैफी चार दिन पूर्व तमकुहीराज कस्बे के समउर रोड पर स्थित अनामिका हॉस्पिटल में अपनी पत्नी शबाना खातून को प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया था। शबाना ने पुत्र को जन्म दिया, पीड़ित के अनुसार अस्पताल संचालक ने बताया कि बच्चा ठीक है, लेकिन दो तीन दिन डॉक्टर की निगरानी में उसे रखना पड़ेगा। तबीयत बिगड़ने पर एंबुलेंस से गोरखपुर भेज दिया, जहां डॉक्टर ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। तीमारदार निजी अस्पताल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। संचालक के खिलाफ पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी। इंस्पेक्टर अमित शर्मा ने बताया कि देर रात को कार्रवाई से मना करते हुए तहरीर पीड़ित वापस ले लिया। इस लिए केस दर्ज नहीं किया गया।
स्थानीय कस्बे के समउर मार्ग स्थित अनामिका हॉस्पिटल मे इलाज के दौरान बृहस्पतिवार को एक नवजात की मौत हों गई। तमकुहीराज थाना क्षेत्र के डुभा निवासी ग्यासुद्दीन और उसके परिजनों ने अस्पताल संचालक के ऊपर लापरवाही का आरोप लगा खूब हंगामा किए। कार्रवाई के लिए परिजन तमकुहीराज-समउर मार्ग पर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया। लेकिन देर शाम परिजनों ने निजी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई से इन्कार कर दिया। एहतियातन पुलिस ने नवजात का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौपा।
इंस्पेक्टर तमकुहीराज अमित शर्मा ने बताया बृहस्पतिवार देर शाम परिजनों ने निजी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई से इन्कार कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।