कप्तानगंज। कस्बे में सूजा गैंग की धमक करीब एक साल पहले तक थी। मुठभेड़ में पकड़े जाने के बाद गैंग के कई सदस्य कस्बा छोड़ दिए। इसी गैंग में कमलेश साहनी का बेटा आदित्य भी रहता था। रामकोला थाना क्षेत्र में नर्तकियों के अपहरण और छेड़खानी के मामले में पुलिस आदित्य को जेल भेजी थी। जमानत पर रिहा होने के बाद वह लखनऊ रहने लगा।
भाजपा नेता रमेश और सूजा के बीच केस चलता है। इसको लेकर कई बार विवाद भी हो चुका है। आदित्य के घर पर नौ नवंबर की रात बदमाशों ने धावा बोला था। उस आदित्य घर पर नहीं था। फायरिंग भी की थी। पुलिस कई बिंदुओं की जांच कर रही है। कस्बे के सभासद संजय पटेल का भी एक गोल सक्रिय है। घटना में शामिल आरोपियों को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
कस्बे के बभनौली टोला निवासी कमलेश साहनी का बेटा आदित्य वार्ड नंबर 11 कुर्मी टोला मंगल बाजार निवासी सूजा पठान उर्फ छोटू के गैंग का सक्रिय सदस्य रहा चुका है। घरवालों का कहना है कि नर्तकी अपहरण कांड के बाद जब से वह जेल से छूटा है तब से लखनऊ में रहकर काम कर रहा है। घर पर आना-जाना कम है। वहीं सभासद संजय पटेल भी पहले कस्बे में जुआ का अड्डा चलाता था। बीच में पुलिस ने शिकंजा कसा तो अपना रास्ता बदल दिया।
भाजपा नेता व सभासद पति रमेश मोदनवाल और सूजा पठान के बीच आपसी रंजिश काफी दिनों से चलती है। बीच में कई बार विवाद हो चुका है। सूजा को पुलिस ने जब मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था तो रमेश ने उस समय भी रास्ते में घेरकर धमकी देने का केस दर्ज कराया था।
इसके बाद से नगर में सूजा की सक्रियता थोड़ी कम हुई, लेकिन रात को आदित्य के घर में घुसकर गोली चलने की वारदात के बाद रमेश मोदनवाल और संजय पटेल समेत चार लोगों का नाम सामने आया है। पुलिस घटना की असलियत की जांच करने में जुटी है। पुराने विवादों से जोड़कर पुलिस घटना के तह में जाने का प्रयास कर रही है।
सीओ कसया कुंदन सिंह ने कहा कि मामले में केस दर्ज है। उसके अनुरूप पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
कप्तानगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर है आदित्य का पिता
आदित्य की तलाश में घर में घुसकर बदमाशों ने रविवार की रात फायरिंग की थी। आदित्य का पिता कमलेश साहनी कप्तानगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ अलग-अलग थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। इसलिए पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। इसके पीछे क्या वजह है। इसका पता लगा रही है। रमेश, सूजा पर जो मुकदमा किया है। उसे सुलह कराने के लिए बार-बार दबाव रमेश पर सूजा डालता था। इन सभी बिंदुओं को पुलिस अपनी जांच में शामिल की है।