पडरोना। जिले में संचालित राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षाएं संचालित होंगी। इसमें विद्यालय के 25 प्रतिशत कमजोर छात्रों को चिन्हित कर उनके शिक्षण अधिगम स्तर को बेहतर किया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को अतिरिक्त मानदेय दिया जाएगा।
जिले में 22 राजकीय माध्यमिक विद्यालय संचालित होते हैं। इसमें से सात विद्यालयों में इंटर तक पढ़ाई होती है। शेष विद्यालयों में हाईस्कूल तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। जिला समन्वयक माध्यमिक विष्णुप्रभाकर पांडेय ने बताया कि समग्र शक्षिा माध्यमिक के तहत जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा नौ और 11 में अध्ययनरत पढ़ने में कमजोर 25 फीसदी बच्चों को उपचारात्मक शक्षिण दिया जाएगा। इससे बच्चों की क्षमता बढ़ेगी। समग्र शिक्षा माध्यमिक के अपर राज्य परियोजना निदेशक की तरफ से पत्र जारी किया गया है। जारी पत्र में कहा गया है कि विगत वर्ष उपचारात्मक शक्षिण माड्यूल्स मुद्रित कराकर उपचारात्मक शक्षिण के लिए राजकीय माध्यमिक वद्यिालयों में वितरित कराये गये थे। शिक्षकों को उपचारात्मक शक्षिण के लिए प्रशक्षिण प्रदान किया गया था। पीछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा नौ में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित व विज्ञान और कक्षा 11 में अंग्रेजी, गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व जीव विज्ञान विषय के कक्षावार, विषयवार कमजोर 25 प्रतिशत विद्यार्थियों को चह्निति कर उपचारात्मक शक्षिण संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उपचारात्मक शिक्षण प्रदान करने के लिए पिछले वर्ष विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के उपयोगार्थ विषयवार कक्षावार उपलब्ध कराये गए उपचारात्मक शिक्षण मॉड्यूल्स का प्रयोग इस वर्ष भी उपचारात्मक शिक्षण के लिए किया जाएगा। मूल्याकंन, टेस्ट, परीक्षा में जिस विषय में विद्यार्थी को कम अंक मिले हैं उनको ही उपचारात्मक शिक्षण के लिए चुना जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि पढ़ने में कमजोर विद्यार्थियों का चिन्हांकन कर सूचना राज्य परियोजना कार्यालय को भेजी जाएगी। इसके बाद 30 सितंबर तक उपचारात्मक शिक्षण प्रदान किया जाएगा।
विद्यालयों को जारी किया गया बजट
वित्तीय वर्ष 2024-25 की तरह ही वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए उपचारात्मक शिक्षण में लगाए गए शिक्षकों के अतिरक्ति मानदेय, विद्यालयों में टीएलएम नर्मािण, छात्र प्रोफाइल बनाने, रिकार्ड पंजिका तैयार करने, टीचर्स डायरी तथा अन्य अभिलेखीकरण करने एवं आकस्मिक व्यय आदि के लिए प्रत्येक विद्यालय को अलग से धनराशि का आवंटन किया गया है।