कुशीनगर। नववर्ष, आगामी त्योहारों, गणतंत्र दिवस और परीक्षाओं को देखते हुए प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। नववर्ष से पहले जनपद में शांति बनाए रखने के लिए धारा 163 लागू कर दी गई है। यह अगले साल 26 फरवरी तक प्रभावी रहेगी। अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत निषेधाज्ञा के आदेश जारी किए हैं।
आदेश के तहत जिले की पूरी सीमा में ऐसी किसी भी गतिविधि पर रोक रहेगी, जिससे सार्वजनिक शांति या सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। बिना अनुमति सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध रहेगा और पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक होगी। हालांकि पारंपरिक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को इससे छूट दी गई है।
वहीं नववर्ष के आयोजनों और बोर्ड व प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर दायरे में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। परीक्षा केंद्रों के आसपास मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकल से जुड़े साधनों पर सख्त रोक रहेगी। सार्वजनिक स्थानों पर लाठी-डंडा, धारदार हथियार, विस्फोटक या ज्वलनशील पदार्थ लेकर चलना पूरी तरह वर्जित रहेगा।
सोशल मीडिया पर अफवाह, भ्रामक या साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री फैलाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जबकि दिन में भी इनका प्रयोग अनुमति के बाद ही किया जा सकेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता समेत अन्य कानूनों के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने नए साल के मौके पर जिले के लोगों से अपील की है कि वे शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें, किसी भी अफवाह से बचें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें।