पडरौना। गन्नाक्रय केंद्रों से इन दिनों चीनी मिलों पर जा रहे गन्ना लदे ओवरलोड ट्रैक्टर ट्राली से अक्सर ही दुर्घटनाएं हो जा रही हैं। स्पीड ब्रेकर या गड्ढे में फंसने से ट्रैक्टर के पहिए ऊपर तक उठ जा रहे हैं, जिससे राहगीरों या अन्य वाहन चालकों के हताहत होने का भय बना रहता है, फिर भी इन ओवरलोड वाहनों के खिलाफ न तो कार्रवाई हो रही है और न ही इन पर अधिक गन्ना लादने के मामले में नियंत्रण ही लगाया जा रहा है।
ताजा उदाहरण सोमवार को दोपहर में पटेरा गांव के निकट हुई दुर्घटना है। जब कसया थाना क्षेत्र के सिसवा मठिया गांव के निवासी झपसी के 40 वर्षीय पुत्र वसीम अंसारी ट्राली पर गन्ना लादकर रामकोला चीनी पर ला रहे थे। दोपहर में वह अभी पटेरा गांव के आगे बढ़े ही थे कि अचानक ट्राली का पहिया निकल गया, जिससे ट्राली-ट्रैक्टर पलट गई। वसीम उसके नीचे दब गए। यह देख घटनास्थल पर लोगों की काफी भीड़ जुट गई। लोगों ने उन्हें किसी तरह ट्रैक्टर से बाहर निकाला और आनन फानन में उन्हें रामकोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद भी उनकी हालत में सुधार न होते देख डॉक्टर ने वसीम को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
ऐसी छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं आए दिन होती रहती हैं। क्योंकि जनपद मुख्यालय के अलावा पडरौना नगर सहित आस-पास के गांवों के बाहर कई जगह चीनी मिलों के तौलकेंद्र बनाए गए हैं। वहां बड़ी बड़ी ट्राली पर क्षमता से अधिकगन्ना लादा जा रहा है। ये ओवरलोडवाहन जैसे ही स्पीड ब्रेकरया गड्ढों के पास पहुंच रहेहैं,उसमेंफंसने से ट्रैक्टर के पहिए ऊपर उठ जा रहे हैं। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।पडरौना नगर में सुभाष चौक से छावनी तक बने ब्रेकर पर अक्सरही ये ट्रैक्टर ट्राली फंस जा रही हैं। ऐसे वाहन ज्यादातर शाम होने के बाद चल रहे हैं।फिर भी पुलिस या परिवहन विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी तरह गेहूं, चावल के बोरों से लदे ओवरलोड अन्य ट्रैक्टर ट्राली से भी दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
इस संबंध में टीएसआई परमहंस यादव ने बताया कि शहर में सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। इसका पालन सख्ती से किया जा रहा है। ऐसे ओवर लोड वाहनों पर कार्रवाई परिवहन विभाग करता है।