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Kushinagar News: संभलकर चलें, बड़े खतरे हैं इन मोड़ पर... -

Mon, 22 May 2023 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना शहर में अक्सर होते हैं हादसे- रामकोला रोड, कठकुइयां मोड़, कसया रोड सहित कई जगह हुई हैं दुर्घटनाएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। अभी बीते जाड़े के मौसम की बात है। शहर के मोगलपुरा (गायत्रीनगर) निवासी पूर्व धावक रहे निजामुद्दीन उर्फ राजू को रात के समय तेज रफ्तार कार ने छावनी में ही गैस एजेंसी के पास जोरदार टक्कर मार दी थी। इससे निजामुद्दीन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनसे बात कर रहे नाई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके कमर की हड्डी टूट गई थी। अभी तक उनका इलाज चलता है। यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
निजामुद्दीन नाम के खिलाड़ी की दुर्घटना में मौत तो उदाहरण मात्र है। छावनी के इस दुर्घटना बाहुल्य स्थल के अलावा शहर में ऐसे कई स्थान हैं, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कहीं वाहनचालकों की लापरवाही से तो कहीं वाहनों के आगे अक्सर लोगों के आ जाने से। फिर भी दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किया जाता। बलुचहां चुंगी के पास होती हैं दुर्घटनाएं पडरौना शहर में एनएच-28बी स्थित बलुचहां चुंगी मोड़ भी बहुत संवेदनशील स्थान है। यहां से एक तरफ पडरौना के साहबगंज मोहल्ला, धर्मशाला रोड और मेन बाजार जाने का मार्ग है, जो काफी व्यस्त मार्ग रहता है। दूसरी तरफ बलुचहां जाने के लिए सड़क निकली है। इस मार्ग पर भी कई प्रतिष्ठित निजी संस्थान हैं, जहां के लिए लोग आते-जाते हैं। इसके अलावा जब शहर में जाम लग जाता है तब भी लोग इस सड़क के रास्ते मुख्य पश्चिमी गंडक नहर पर पहुंच जाते हैं और वहां से जनपद मुख्यालय, कसया और अन्य स्थलों के लिए आसानी से चले जाते हैं। इस तरह यह स्थल काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन एनएच का चौराहा होने के कारण यहां दुर्घटनाएं भी अधिक होती हैं। यहां दुर्घटनाएं रोकने के लिए कोई संकेतक भी नहीं है। कठकुइयां मोड़ पर संभलकर नहीं चले तो दुर्घटना तय
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यह भी काफी संवेदनशील स्थल है। कठकुइयां मोड़ पर पूर्व में कई हादसे हो चुके हैं। करीब दो साल पहले मिट्टी ढोने वाले लोडर की चपेट में आने से एक साइकिल सवार की मौत हो गई थी। इसके अलावा मोड़ पर ही ट्रक की चपेट में आने से पूर्व में साइकिल सवार की मौत हो चुकी है। अब भी हालत यह रहती है कि जरा सी असावधानी से लोग दुर्घटना में घायल हो जाते हैं। हालांकि, यहां यातायात पुलिस तैनात रहती है। इसलिए दिन में कुछ हद तक वाहन चालकों को यहां रोककर ही धीरे से गुजारा जाता है।

सेंट्रल बैंक रोड पर दुर्घटनाओं की रहती है आशंका
पडरौना के धर्मशाला रोड से निकलकर सेंट्रल बैंक जाने वाली सड़क पर भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यहां भी चौराहा होने के कारण तेज रफ्तार में आने वाले वाहनों को न देख पाने के कारण लोग चोटिल होने से बचते रहते हैं। यहां भी दुर्घटना से बचाव के लिए कोई संकेतक नहीं है।
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कसेरा टोली मोड़ पर भी बरतनी पड़ती है सावधानी
शहर के कसेरा टोली मोड़ पर अचानक मोड़ होने के कारण अक्सर लोग चोटिल होने से बचते हैं। मुड़ते समय आगे या पीछे से आने वाले वाहन चालक टकराने से बचते हैं। कभी कभी नियंत्रण न होने पर टकराकर चोटिल भी हो जाते हैं। जटहां मोड़ भी है दुर्घटना बाहुल्य स्थल पडरौना शहर का जटहां मोड़ अंधे मोड़ की भांति है। यहां अक्सर चालक आगे से आने वाले वाहनों को देख नहीं पाते और टकरा जाते हैं। यह बात दिगर है कि भीड़-भाड़ होने के कारण गाड़ियों की गति धीमी होती है, जिससे वाहनचालकों को चोट कम लगती है, लेकिन रात में स्थिति विपरीत होती है। रात में तेजी से आने वाले लोग सावधानी न बरतें तो घायल हो जाते हैं। कसया रोड पर अक्सर होती हैं दुर्घटनाएं पडरौना शहर के कसया रोड में तेज रफ्तार वाहनों के चलते अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। करीब तीन साल पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय प्रकाश दीक्षित को जनपद मुख्यालय जाते समय एक वाहन ने टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। यह हादसा छावनी में तहसील के निकट हुआ था। इसके अलावा पडरौना में मुख्य पश्चिमी गंडक नह के पुल से लगायत छावनी होते हुए जनपद मुख्यालय रवींद्रनगर तक पांच किलोमीटर की दूरी के बीच कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ एक जगह की बात छोड़ दें तो अधिकतर जगह दुर्घटना से बचाव के लिए न तो रिफ्लेक्टर लगे हैं और न ही संकेतक।
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दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भेजा गया प्रस्ताव
यातायात निरीक्षक सत्य सान्याल शर्मा बताते हैं कि शहर से गुजरने वाले वाहनों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे और सिग्नल लाइट लगाने का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। यह प्रयास सफल हो जाने पर शहर से होकर गुजरने वाले वाहनों पर नजर रखी जा सकेगी। शहर में तेज गति से चलने वाले या ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की जा सकेगी।
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