गांव के बाहर अंधे मोड़ पर ट्रैक्टर की गति तेज होने के कारण हादसा होने का दावा प्रत्यक्षदर्शियों ने किया। दोनों युवकों की मौत की खबर सुनकर घरवाले पहुंच गए और चीख-पुकार मच गई। गांववालों का आरोप है कि पुलिस को दुर्घटना के बाद तत्काल जानकारी दी गई, लेकिन पुलिस काफी देर से पहुंची। अगर समय से पहुंच गई होती तो शायद युवकों की जान बच गई होती।
कुबेरस्थान के थानाध्यक्ष पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि ट्रैक्टर की गति तेज थी। अचानक मोड़ पर ब्रेक लगाने के चलते ट्रैक्टर-ट्राॅली पलट गई।
युवकों के कंधे पर था घर की जिम्मेदारी का बोझ
सुनील दो भाइयों और एक बहन में बड़ा था। वहीं समीर तीन भाइयों में बड़ा था। दोनों के पिता मजदूरी करते हैं। दोनों युवक आर्थिक कमजोरी की वजह से सुबह से शाम तक मेहनत करते थे। ताकि परिवार को दो जून की रोटी नसीब हो सके। युवकों की मौत के बाद घरवालोंं में चीख-पुकार मच गई है। दोनों युवकों का रिश्ता तय करने की बात चल रही थी।