पडरौना। राजकीय कर्मचारी का दर्जा दिलाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की सदस्यों ने बुधवार को भी कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। इसके बाद प्रदेश सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करती हुईं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं रवींद्रनगर पुलिस चौकी पहुंचीं, जहां एनएच जाम कर करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। बाद में एएसडीएम ने आश्वासन देकर सड़क जाम और धरना समाप्त कराया। इस दरम्यान आवागमन ठप हो जाने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बुधवार को सुबह दस बजे कलेक्ट्रेट के बाहर एकत्र हुईं और धरना पर बैठ गईं। कुछ देर धरना के बाद कोई सक्षम अधिकारी नहीं पहुंचा तो सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं नारेबाजी करती हुईं रवींद्रनगर पुलिस चौकी पहुंची और चौराहे पर एनएच जाम कर दिया। इनका कहना था कि दो सितंबर से ही धरना प्रदर्शन और चक्का जाम किया जा रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन इसे जान बूझकर नजरअंदाज कर रहा है। इनकी मांग थी कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को राजकीय कर्मचारी का दर्जा दिए जाने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति, सात महीने से बकाया मानदेय दिलाने और पांच वर्ष से एक ही स्थान पर तैनात निदेशक को हटाने सहित 24 मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम किया जा रहा है।
धरना की अगुवाई कर रही जिलाध्यक्ष कौशिल्या सिंह के साथ ब्लॉक अध्यक्ष प्रभावती शर्मा, ब्लॉक महासचिव अनुराधा श्रीवास्तव, रमावती सिंह, सुशीला देवी, संध्या श्रीवास्तव, आशा श्रीवास्तव, प्रीती सिंह, सुनीता यादव, बासमती देवी, निर्मला देवी, लालमती सिंह, मीरा श्रीवास्तव, विमला देवी आदि मौजूद थीं। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष सरोज देवी, जिला कोषाध्यक्ष अनुराधा श्रीवास्तव, ब्लॉक अध्यक्ष उषा शर्मा, नीलम पांडेय, रेनू राय, शकुंतला राय, सुमन चौबे, शालिनी बर्नवाल, नीतू सिंह, अनीता श्रीवास्तव, रजिया आगा, जयलक्ष्मी, मंजू शर्मा, प्रभावती शर्मा, उषा सिंह, अनीता चौधरी और सुमित्रा श्रीवास्तव सहित काफी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका मौजूद थी।