पडरौना। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं तीसरे दिन भी कलमबंद हड़ताल पर रहीं। सीडीपीओ पडरौना के सोहरौना स्थित दफ्तर के बाहर एकत्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने तीन दिन की हड़ताल के बावजूद शासन-प्रशासन निष्ठुर बना हुआ है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि मंगलवार को थाली-चम्मच बजाते हुए सीडीपीओ पडरौना के कार्यालय से जनपद मुख्यालय तक प्रदर्शन करेंगी।
जिलाध्यक्ष कौशिल्या सिंह, महासचिव अनुराधा श्रीवास्तव, ब्लॉक अध्यक्ष रमावती सिंह, सुशीला देवी, आशा श्रीवास्तव, सुनीता यादव, निर्मला देवी, मीरा श्रीवास्तव, विमला देवी, मनोरमा पांडेय, लता पांडेय सहित क्षेत्र के ज्यादातर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं तीसरे दिन भी सीडीपीओ पडरौना के कार्यालय पर पहुंचीं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकारें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हित के बारे में नहीं सोच रही हैं। कार्यकर्ताओं को 108 रुपये और सहायिकाओं को सिर्फ 54 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जा रहा है, जो महंगाई के हिसाब से बहुत कम है। जबकि सरकार ने मजदूरों की मजदूरी 350 रुपये प्रतिदिन कर दी है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
इस हड़ताल में उषा सिंह, शीला देवी, वंदना देवी, चंद्रावती, नूरजहां, शकुंतला, इंदू देवी, लालमनी देवी, बासमती देवी, लालमती देवी, गुंजन देवी, सुनीता यादव, रीता देवी, अमलावती, लीलावती, दीपमाला, लक्ष्मीना देवी, रंजना, सुभावती, सुधा सिंह आदि शामिल थीं।