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एक साल में दुगुना होनी थी रकम, डूब गई पूंजी

Thu, 15 Feb 2018 12:38 AM IST
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
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पीड़ित - फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पकड़ियार बाजार/दुदही।  एक वर्ष में ही रकम दुगुनी करने समेत कई आकर्षक स्कीम चलाने वाली कंपनी के शिकार हुए लोगों की फेहरिस्त लंबी है। रामकोला क्षेत्र के रहने वाले कंपनी के कर्ता-धर्ताओं ने अपने इलाके के लोगों को भी नहीं बख्शा है। कंपनी के कई अफसरों के रिश्तेदार अपनी गाढ़ी कमाई डूब जाने के बाद परेशान घूम रहे हैं। दुदही बाजार क्षेत्र के तमाम ग्राहक भी इनकी राह देख रहे हैं।
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वहीं कंपनी के अफसर अब भी लोगों को रुपये लौटाने का आश्वासन दे रहे हैं।नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के पकड़ियार बाजार में कई दुकानदार इस कंपनी की स्थानीय शाखा में नियमित रुपया जमा कर रहे थे। कप्तानगंज से संचालित गुडलक म्युचुअल बेनफिट निधि लिमिटेड नाम से यहां कलेक्शन सेंटर था। जब से कंपनी के अफसरों के गायब होने की जानकारी हुई है, खाताधारक दुकानदार परेशान हैं। इसके अलावा क्षेत्र के तमाम अन्य लोग भी अपनी गाढ़ी कमाई के डूब जाने की आशंका से विचलित हैं। 
 इस कंपनी के खातेदार रामकल्प साहनी निवासी मनिया छापर का 38 हजार, शारदा गुप्ता निवासी पकड़ियार का नौ हजार, हृदेश निवासी पकड़ियार का40 हजार, सुरेश का नौ हजार, धर्मेंद्र जयसवाल का 90 हजार, बब्लू का 21 हजार, रामानंद गुप्ता का 50 हजार, सुरेश रौनियार का 30 हजार, जफुरलाह अंसारी का 1.17 लाख, नागेन्द्र मोहन निवासी पिपरा वरसीवान का 45 हजार, कृष्ण मोहन का 30 हजार, कृष्ण मोहन गुप्ता का 76 हजार, उमेश प्रसाद निवासी लौकरिया का 45 हजार, गुलाब कुशवाहा निवासी पिपरा वरसीवान का 50 हजार, रमेश कुशवाहा निवासी दुबरहा का 50 हजार, राजाराम निवासी चितामनचक का पांच हजार, लक्ष्मण रसिया निवासी हरपुर का पांच हजार, अईसा खातुन निवासी मठिया का 1.22 लाख, ज्ञांती देवी निवासी कुईंया का 55 हजार, केश्वर निवासी पकड़ियार का 20 हजार, मनोज कुशवाहा निवासी कुईंया का 1.50 लाख, राजेश का 1.50 लाख, भोलेनाथ निवासी पकड़ियार का 70 हजार, रामकिशुन कुशवाहा का 35 हजार, प्रभु कुशवाहा का 40 हजार रुपये कंपनी में जमा है। इन सभी को एक वर्ष बाद दुगुना रकम मिलना था। कई महीना पहले ही इनके भुगतान की अवधि पूर्ण हो चुकी है लेकिन अब तक एक रुपया नहीं मिला। अब कंपनी के अफसरों के गायब होने से सभी को रुपये डूबने की आशंका हो गई है। 
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इसी तरह दुदही क्षेत्र के भी कई लोग इस कंपनी के खातेदार हैं। दुदही ऑफिस पर कई दिनों से ताला लटकने की वजह से ये खातेदार अपनी गाढ़ी कमाई डूबने की आशंका से परेशान हैं। खातेदारों ने बताया कि गोला बाजार की तरफ जाने वाले रास्ते पर मकान में किराए का कमरा लेकर वर्ष 2015 में ऑफिस खुला था। यहां छह लोगों को डायरेक्टर बताया गया था। तीन लोग ऑफिस में काम करते थे। कंपनी से जुड़े 16 लोग क्षेत्र में नियमित कलेक्शन का कार्य करते थे। अधिकांश लोगों ने एक वर्ष के भीतर रुपये दुगुना होने की उम्मीद में धन जमा किया था। परंतु अब तक किसी को कुछ नहीं मिला। 

इस कंपनी के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) खजांची कुशवाहा रामकोला क्षेत्र के विजयपुर गांव के रहने वाले हैं। बुधवार को ‘अमर उजाला’ में खबर प्रकाशित होने के बाद सीएमडी ने दूरभाष पर बताया कि उनकी कंपनी नोटबंदी के चलते प्रभावित हो गई। कुछ सेंटरों से कलेक्शन भी जमा नहीं हुआ। कुछ अन्य तकनीकि दिक्कतों के चलते यह नौबत आई है। उनका प्रयास है कि निवेशकों का रुपया अप्रैल तक भुगतान कर दिया जाए। इसके लिए वह प्रयास कर रहे हैं। 
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