मौत की सूचना पर जुटी लोगों की भीड़। स्रोत-सोशल मीडिया
तमकुहीरोड। रकबा दुलमापट्टी में नहर की पटरी पर रखी सूखी पत्ती लेने गई एक किशोरी को अचानक मिर्गी का दौरा पड़ गया और वह नहर में गिर गई। साथ में मौजूद उसकी छोटी बहन बचाने के लिए नहर में कूद गई गई और डूबने लगी।
लोगों ने छोटी बहन को तो बचा लिया, लेकिन बड़ी बहन की डूबने से मौत हो गई। सूचना पर आई पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को नहर से बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया। सेवरही थाना क्षेत्र के रकबा दुलमापट्टी निवासी प्रमोद खरवार का घर बड़ी गंडक नहर के किनारे है। प्रमोद की 17 वर्षीय बेटी खुशबू को मिर्गी की बीमारी है। वह मंगलवार को सुबह करीब 8.30 बजे नहर की पटरी से अलाव जलाने के लिए पत्ते लाने अपनी छोटी बहन 16 वर्षीय मनीषा के साथ गई थी। नहर के किनारे दोनों बहनें आगे-पीछे चल रही थीं। इस दौरान अचानक बड़ी बहन को मिर्गी का दौरा पड़ा और नहर में गिर गई। यह देख छोटी बहन अपनी जान की परवाह किए बिना शोर मचाते हुए नहर में छलांग लगा दी और बचाने का प्रयास करने के दौरान डूबने लगी।
शोर सुनकर नहर पुल पर मौजूद गांव वाले भी पहुुंच गए और मनीषा को नहर से बाहर निकाल लिया, लेकिन खुशबू की डूबने से मौत हो गई। इसकी मौत के बाद परिजनों में चीख पुकार मच गई। इस घटना की सूचना मिलते ही सेवरही के एसएसआई राजेंद्र सिंह पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे।
घरवालों का कहना था कि मिर्गी के बीमारी के चलते खुशबू दिमागी रूप से थोड़ी कमजोर हो गई थी। इसलिए उसे अकेले कही नहीं जाने देते थे। सेवरही के थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अचानक मिर्गी का दौरा पड़ने से नहर में किशोरी गिर गई और डूबने से मौत हो गई।