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मुट्ठी भर भात के विवाद में गई थी युवक की जान

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खड्डा क्षेत्र के शाहपुर नौकाटोला में उपेंद्र की हत्या के बाद रोते बिलखते परिजन। - फोटो : KUSHINAGAR
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मुट्ठी भर भात के विवाद में गई थी युवक की जान
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भूख लगने पर एक महीने पहले पिता ने आरोपी की झोपड़ी में रखा चावल खा लिया था
आरोपी बाप-बेटे पर हत्या का केस दर्ज कर जांच पड़ताल में जुटी पुलिस
खड्डा। शाहपुुर नौका टोला गांव में शनिवार की रात हुई उपेंद्र की हत्या के पीछे मुट्ठी भर भात (पका चावल) खाने का विवाद सामने आ रहा है। एक महीने पहले उपेंद्र के पिता ने आरोपी की झोपड़ी में रखा चावल खा लिया था। उसको लेकर पूरे परिवार की पिटाई की गई थी। थाने पर भी मामला पहुंचा था और समझौता हो गया था। लेकिन उसकी टीस खत्म नहीं हुई थी। शुक्रवार को मिट्टी बहने का बहाना मिल गया और शनिवार की रात धारदार हथियार से उपेंद्र को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर पर आरोपी बाप-बेटे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
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क्षेत्र के शाहपुुर नौका टोला गांव में रविवार को सन्नाटा पसरा था। पीड़ित मां व बहन, भाइयों का रो-रो कर बुुरा हाल था। करीब 15 दिन पहले ही उपेेंद्र गुजरात से कमाकर लौटा था। वह अपने मां, बाप व पांच भाई बहनों का सहारा था। परिजनों के मुताबिक, राम अवध व बिहारी सगे पट्टीदार हैं। दोनों की खेती गंडक नदी के दियारा में है। वहीं झोपड़ी बनाकर रहते हैं। पीड़ित पिता राम अवध का कहना है कि एक माह पहले उन्हें भूख लगी तो बिहारी की झोपड़ी में रखा थोड़ा भात खा लिया था। इसकी जानकारी होने पर बिहारी व उसके पिता दहारी ने राम अवध व उसकी पत्नी मंजू और बच्चों के साथ मारपीट की थी। मामला थाने में पहुंचा तो लोगों ने समझौता करा दिया था, लेकिन बिहारी के अंदर टीस बरकरार थी। शुक्रवार को नदी पार से बिहारी गांव लौटा तो मिट्टी बहने को लेकर मारपीट पर आमादा हो गया। गांव के कुछ लोगों ने समझाबुझाकर शांत करा दिया था। बिहारी ने इसकी जानकारी भेड़ी जंगल गांव में अपनी ससुराल में रह रहे बेटे अशोक को दी। अशोक शनिवार शाम बाइक से बीवी व साले के साथ घर पहुंचा। मां-बाप ने अशोक को कुछ करने के लिए उकसाया। उसके बाद बगल के मोतीलाल की चाय की दुकान पर आधा दर्जन लोगों के साथ शराब का दौर चला और उसी में हत्या की योजना बन गई। इससे बेखबर उपेंद्र पड़ोस के मुन्नीलाल के यहां टेलीविजन देख रहा था। रात करीब नौ बजे कुछ दूरी पर राजेश कुशवाहा की दुकान से गुटखा लेकर लौटते हुए जैसे ही चाय की दुकान के पास पहुंचा, घात लगाए अशोक ने धारदार हथियार से पीछे से उपेंद्र के ऊपर हमला कर दिया और उसका मुंह दबा दिया, ताकि वह शोर न कर सके। घटना के समय कई लोग वहां मौजूद थे। सोलर लाइट जल रही थी, लेकिन किसी ने बीच बचाव नहीं किया। खून से लथपथ उपेंद्र तड़पता रहा। वहां से पचास कदम दूर उसके मां बाप को भनक तक नहीं लगी। हत्यारोपियों के निकल जाने के बाद पिता राम अवध को जानकारी हुई और परिवार में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने आरोपी अशोक और उसके पिता बिहारी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हत्या में प्रयुक्त खून से सना बंकुआ भी बरामद कर लिया गया है। प्रभारी एसओ अमित कुमार राय ने बताया कि हत्या का मुकदमा दर्जकर आरोपियों की तलाश की जा रही है। शीघ्र ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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